वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। लैटिन अमेरिकी क्षेत्र को विप्रेषण से होने वाली आय गत वर्ष 2008 में कायम रिकार्ड 65 अरब डॉलर को पार कर गई। यह जानकारी इंटर-अमेरिकन डेवलपमेंट बैंक (आईडीबी) ने दी। बैंक ने कहा कि इस आय का मुख्य श्रेय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार को जाता है।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, आईडीबी ने मंगलवार को कहा कि लैटिन अमेरिकी और कैरिबियाई देशों को 2014 में विप्रेषण से 65.38 अरब डॉलर की आय हुई।
स्पेन जैसे कई यूरोपीय देशों में आर्थिक संकट के जारी रहने से दक्षिण अमेरिका की विप्रेषण आय प्रभावित हुई है। स्पेन में सबसे अधिक प्रवासी इसी क्षेत्र के हैं।
मैक्सिको ने पहले की तरह गत वर्ष भी लैटिन अमेरिका में सर्वाधिक विप्रेषण हासिल किया, जो इस क्षेत्र को मिले कुल विप्रेषण का एक-तिहाई है। 2008 के आर्थिक संकट के कारण मेक्सिको की विप्रेषण आय काफी प्रभावित हुई थी।
अमेरिका में बेरोजगारी दर में आई कमी और वेतन बढ़ने से अमेरिका से विप्रेषण भेजने की संभावना भी बढ़ी है।
2014 के अंत तक अमेरिका में लैटिन अमेरिकी और कैरिबियाई प्रवासियों की संख्या 2.18 करोड़ दर्ज की गई थी।
2014 में अमेरिका में प्रवासियों की औसत साप्ताहिक आय 594 डॉलर थी, जो गत 14 सालों में सर्वाधिक है।
उल्लेखनीय है कि कई लैटिन अमेरिकी देशों के लिए विप्रेषण विदेशी मुद्रा की आय का एक प्रमुख स्रोत है। होंदुरास, अल सल्वाडोर और निकारागुआ जैसे देशों में यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब छठे हिस्से का योगदान करता है।
इस क्षेत्र के सबसे गरीब देश हैती में यह जीडीपी में एक-चौथाई का योगदान करता है।
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