जेनेवा, 17 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने रविवार को कहा कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा में निवेश को भविष्य के लिए स्मार्ट निवेश माना जाना चाहिए।
राष्ट्रमंडल स्वास्थ्य मंत्री सम्मेलन में यहां नड्डा ने कहा, “भारत सभी उम्र वर्ग के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने एक ऐसी व्यवस्था निर्धारित की है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के जरिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के प्रावधान पर टिकी हुई है और जिसमें कमियों को निजी क्षेत्र से पूरा किया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा में निवेश को भविष्य के लिए स्मार्ट निवेश माना जाना चाहिए।”
नड्डा ने कहा कि भारत में करीब 66 फीसदी 35 साल से कम की युवा आबादी है और यह भारत की एक प्रमुख ताकत है।
उन्होंने कहा, “हम इस चुनौती से भी वाकिफ हैं कि यह आबादी अगले तीन दशकों में वृद्धों की श्रेणी में पहुंच जाएगी।”
मंत्री ने इस चुनौती को देखते हुए कहा कि वृद्धों की स्वस्थ जीवनशैली के लिए भारत निरंतर नई नीतियां बनाता रहता है, जिसमें सामाजिक, मानवीय और आर्थिक निवेश शामिल है।
अभी 21 राज्यों के 100 जिलों में ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थ केयर ऑफ द एल्डरली’ लागू है। इसके जरिए वृद्धों को विभिन्न सहायता आसानी से उपलब्ध कराई जाती है।
नड्डा ने कहा, “हम स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और निवेश बढ़ाने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी को बढ़ावा दे रहे हैं। 14 हजार सरकारी एंबुलेंस तैनात किए गए हैं, जो पूरी तरह निशुल्क तौर पर रोजाना कुल एक लाख बार आपात सेवा दे सकते हैं।”
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