नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। देश के एक प्रमुख उद्योग संघ ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नया रूप मिला है।
भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष सुमित मजुमदार का यह बयान तब आया है, जब शंघाई में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारतीय और चीनी कंपनियों ने 22 अरब डॉलर के 24 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
परिसंघ ने बताया, “परिसंघ ने चीन के गुईझो प्रांत की सरकार के साथ एक संस्थानिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद स्थानीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परियोजनाओं में भारतीय आईटी कंपनियों की सहभागिता को बढ़ावा देना है।”
उन्होंने कहा, “परिसंघ ने चीन के व्यापारिक संस्थान झिसलैंड और शिफु के साथ भी बी2बी सेगमेंट में संस्थानिक सहयोग के लिए एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए।”
मजुमदार ने कहा, “परिसंघ का मानना है कि सेवा व्यापार से व्यापार असंतुलन दूर हो सकता है और उद्योग पर्यटन, फिल्म, स्वास्थ्य सेवा, आईटी और लॉजिस्टिक्स में सहयोग बढ़ाए जाने की सराहना करता है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद ही चीन के उद्योग के सामने भारतीय उद्योग की समस्याओं को रखा। परिणामस्वरूप दोनों ओर सकारात्मक और बेहतर माहौल बना है।
परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, “व्यापार असंतुलन दूर करने और द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए हम शक्तिशाली संयुक्त कार्यबल के गठन की घोषण का स्वागत करते हैं।”
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