न्यूयार्क, 21 मई (आईएएनएस)। किसी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का आज कंपनी के लाभ में एक चौथाई से कुछ अधिक योगदान होता है। यह एक नए अध्ययन का निष्कर्ष है।
सीईओ प्रभाव यानी, कंपनी को होने वाले लाभ में मुख्य प्रबंधकों के फैसलों का योगदान विषय पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि समय के साथ वरिष्ठ प्रबंधकों के योगदान में बदलाव आया है।
अमेरिका के जॉर्जिया विश्वविद्यालय में प्रबंधन के सहायक प्रोफेसर और शोधार्थी टिम क्वि गले ने कहा, “आज हम सीईओ का योगदान 25 फीसदी मान सकते हैं। 1950 और 1960 के दशक में हालांकि यह योगदान करीब छह से आठ फीसदी के दायरे में था।”
तो यह योगदान हाल में इतना अधिक क्यों बढ़ गया?
क्वि गले ने कहा, “मेरे विचार से इसके दो प्रमुख कारण हैं। आज सीईओ का महत्व अधिक होने का पहला कारण यह है कि 50 या 60 साल पहले की तुलना में आज सीईओ के पास इस्तेमाल करने के लिए अधिक उपाय हैं।”
1950 के दशक में कोई सीईओ अपनी कंपनी की ग्राहक सेवा गतिविधियों को भारत में आउटसोर्स करने के बारे में सोच भी नहीं सकता था।
क्वि गले ने कहा, “तब प्रौद्योगिकी नहीं थी। आप ऐसा नहीं कर सकते थे। आज स्थिति यह है कि आप इस सप्ताह इसके बारे में सोच सकते हैं और इसे अगले सप्ताह में अंजाम दे सकते हैं।”
अध्ययन के मुताबिक, दूसरा कारण यह है कि आज सीईओ के पास कुछ बेहतर करने के लिए अधिक प्रोत्साहन हैं।
क्वि गले के अनुसार, वेतन की विभिन्न शर्तो और कर संरचना के कारण सीईओ आज कई प्रकार से फैसला कर सकते हैं।
यह अध्ययन स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट जर्नल के आगामी अंक में प्रकाशित होने जा रहा है।
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