आकाशगंगा का सबसे ‘शैतान’ तारा

वाशिंगटन, 23 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हबल टेलीस्कोप ने हमारी आकाशगंगा में एक नए और विचित्र स्वभाव वाले तारे की खोज की है तथा इसके बर्ताव के कारण इसे ‘नैस्टी’ (शैतान) तारा नाम दिया गया है।

वास्तव में इसे शैतान इसलिए कहा गया है, क्योंकि इसे अपने जैसे ही एक अन्य तारे की बाहरी परत को चुराने वाला माना जा रहा है।

विशालकाय, तेजी से नष्ट होने वाला तारा ‘नैस्टी 1’ विशालकाय तारों के विकसित होने के अल्पकालिक अस्थायी चरण की बानगी पेश कर सकता है।

कुछ दशक पहले खोजे गए ‘नैस्टी 1’ तारे को ‘वोल्फ रायेट’ के रूप में पहचाना गया, जो तेजी से विकसित होने वाला तथा सूर्य से कहीं विशाल होता है।

इस तारे की बाहरी हाइड्रोजन से भरी परत तेजी से नष्ट होती है, जिससे इसका बेहद गर्म और तेज चमक वाला हीलियम से भरा कोर दिखाई देने लगता है।

लेकिन ‘नैस्टी 1’ आम वोल्फ रायेट तारे जैसा नहीं है। हबल द्वारा मिली तस्वीर में इस तारे के चारों ओर गैसयुक्त चपटे प्लेट जैसी आकृति दिखाई दी है।

तारे के चारों ओर फैली गोल चपटी यह विशाल तस्तरी 2,000 अरब मील चौड़ी है।

वर्तमान अनुमान के मुताबिक, तारे के चारों ओर फैली निहारिका कुछ हजार वर्ष ही पुरानी है और पृथ्वी से 3,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।

खगोलविदों के अनुसार, इस तारे के चारों और फैली यह निहारिका दुर्लभ खगोलीय घटनाओं में है, जब एक ही सौरमंडल में दो वोल्फ रायेट तारे पाए जाएं और विशाल वोल्फ रायेट तारे का बाहरी हाइड्रोजन वाली परत को छोटा तारा अपनी ओर खींच ले।

मुख्य अध्ययनकर्ता कैलिफोर्निया-बर्कले विश्वविद्यालय के जॉन मौरहान ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “हम इस तस्तरी जैसी संरचना को देखकर उत्साहित हैं, क्योंकि यह एक ऐसे वोल्फ रायेट तारे के विकसित होने का प्रमाण हो सकता है जो इस तरह के दो तारों के मिलने से बना हो।”

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