नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन से गुरुवार को मुलाकात के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली शुक्रवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ होने वाली बैठक में आरबीआई द्वारा पहले दरों में की गई कटौती का लाभ आम ग्राहकों को देने के लिए कह सकते हैं।
आरबीआई द्वारा रेपो दर को 7.5 फीसदी से घटाकर 7.25 फीसदी किए जाने के बाद जेटली की राजन के साथ यह पहली मुलाकात थी।
रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक छोटी अवधि के लिए आरबीआई से कर्ज लेते हैं।
मुलाकात के बाद राजन ने संवाददाताओं से कहा, “हम इस तरह की बैठक करते रहते हैं। इसमें कुछ विशेष नहीं है। कई मुद्दों पर चर्चा हुई।”
उन्होंने कहा, “मौद्रिक नीति के बारे में हमने अपने सभी मुद्दे रखे।”
आरबीआई ने इस साल रेपो दर में तीन बार में कुल 0.75 फीसदी कटौती कर दी है, लेकिन वाणिज्यिक बैंकों ने हर बार अपनी ब्याज दरें नहीं घटाई।
राजन ने अप्रैल में कहा था कि बैंकों को पिछली कटौती का लाभ ग्राहकों को देना चाहिए और उन्होंने बैंकों के इस दावे को खारिज कर दिया था कि पूंजी की लागत काफी अधिक है।
एक आधिकारिक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि शुक्रवार को बैंकों के प्रमुखों से मुलाकात में जेटली ऋण की स्थिति, जन धन योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में हुई प्रगति का जायजा लेंगे।
सूत्र ने कहा कि मंत्री गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) और इसे कम करने के मुद्दे पर भी बात करेंगे।
सरकारी बैंकों का एनपीए दिसंबर 2014 तक बढ़कर 2,60,531 करोड़ रुपये हो गया है।
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