न्यूयॉर्क, 17 जून (आईएएनएस)। संक्रामक रोग पर दुनिया भर के विशेषज्ञों के एक समूह ने चेताया है कि आने वाले मानसून सत्र में भूकंप पीड़ितों में हेपेटाइटिस-ई फैलने की आशंका काफी अधिक है।
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित इस दस्तावेज में कहा गया है कि यह महामारी विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए घातक साबित हो सकती है।
जोंस हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एलियन लेब्रीक ने इन दस्तावेजों में कहा है कि नेपाल में अप्रैल में आए भूकंप से हेपेटाइटिस-ई के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस भूकंप में 8,500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि 23,000 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह महामारी दूषित पानी के कारण फैलती है।
उन्होंने कहा, “भूकंप प्रभावित इलाकों में भारी परेशानियां व्याप्त हैं। भारी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और उनके पास पर्याप्त मात्रा में साफ पानी, स्वच्छता सुविधाओं की कमी है, मानसून और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ की समस्याएं इन इलाकों में व्याप्त हैं।”
उनके मुताबिक, आने वाले महीनों में 500 गर्भवती महिलाओं की मौत हो सकती है और कई महिलाएं बीमार हो सकती हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, दुनिया में हर साल लगभग दो करोड़ लोग हेपेटाइटिस-ई से संक्रमित होते हैं। इसके वायरस से लीवर संबंधी बीमारियां होती हैं। इसका इलाज जटिल है और लंबे समय तक चलता है। इस वायरस से संक्रमित महिलाओं की मृत्युदर 25 फीसदी है।
उन्होंने कहा, “इसके बचाव के लिए सुरक्षित और प्रभावी टीके उपलब्ध हैं। लेकिन इनके इस्तेमाल की अनुमति अभी केवल चीन में है।”
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