सैन फ्रांसिस्को, 23 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि औद्योगिक तेजी लाने के लिए सरकार अवरुद्ध परियोजनाओं पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
जेटली ने यहां सोमवार को भारत में कारोबार करने वाली अमेरिकी कंपनियों के साथ एक सम्मेलन में कहा, “अवरुद्ध परियोजनाओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है और इस क्षेत्र में तेजी आने से औद्योगिक उत्पादों की मांग बढ़ेगी।”
सम्मेलन का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ और अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) ने मिल कर किया था।
मंगलवार को जारी बयान में परिसंघ ने कहा कि सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, ओरेकल, हेवलेट पैकर्ड, वीजा, फ्रैंकलीन टेंपल्टन, गूगल, सिस्को, फर्स्ट सोलर, ईबे, क्वोलकॉम, ब्लैकबेरी और सैन डिस्क जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
वित्त मंत्री ने कहा, “मानसून अनुमान सुधर रहा है। इससे कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना बढ़ी है, इससे आर्थिक विकास दर और बेहतर रहेगी।”
जेटली ने इस महीने के शुरू में कहा था कि वित्त मंत्रालय ऐसी परियोजनाओं की सूची तैयार कर रहा है, जो वित्त के अभाव में अवरुद्ध हैं, ताकि उन्हें वापस शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। इससे बैंकों की गैर निष्पादित परिसंपत्तियों का आकार भी घटेगा।
जेटली ने तब बैंकों के प्रमुखों के साथ हुई चर्चा से अलग संवाददाताओं से कहा था, “कई अवरुद्ध परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर अवरुद्ध परियोजनाओं की सूची तैयार करेंगे।”
जेटली के साथ न्यूयार्क, वाशिंगटन और सैन फ्रांसिस्को की 10 दिवसीय यात्रा में एक उच्चस्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी है।
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