स्मार्ट सिटी अभियान में फैसला जनता के हाथ : मोदी (राउंडअप)

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि स्मार्ट सिटी पर फैसला आम जनता और नगरपालिकाएं करेंगी तथा शहर के विकास पर केंद्र या राज्य सरकारें फैसले नहीं लेंगी। उन्होंने यह बात शहरी विकास संबंधी तीन अभियानों की शुरुआत करते हुए कही।

मोदी ने स्मार्ट सिटी को लेकर तीन अभियानों-अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन, अर्बन ट्रांसफोर्मेशन और हाउसिंग फॉर ऑल की शुरुआत करते हुए कहा, “पहली बार ऐसी पहल की जा रही है, जहां फैसला न केंद्र न राज्य लेगी। स्मार्ट सिटी का फैसला जनता तथा नगरपालिकाएं खुद करेंगी।”

इन कार्यक्रमों का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शहरी जनजीवन में सुधार और आर्थिक विकास लाना है। केंद्र सरकार अगले छह साल में इन अभियानों के लिए चार लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

उन्होंने कहा, “भविष्य निर्माण को लेकर शहर का दृष्टिकोण किसी भी कार्यक्रम की सफलता के लिए अनिवार्य है, अन्यथा यह उलझ जाएगी, जहां राज्य स्तरीय विकास कार्यो तथा एजेंसियों को केंद्र के निर्देश का इंतजार रहता है, जबकि शहर राज्य सरकार के फैसले का इंतजार रहता है।”

मोदी ने कहा, “मानदंडों के अनुसार स्मार्ट सिटी की चयन प्रक्रिया रहेगी और इसके बाद केंद्र तथा राज्य इसमें मदद करेंगे। कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रतियोगिता महत्वपूर्ण कारक है।”

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के अभिलाषी का चयन सिटी चैलेंज कॉम्पीटीशन के जरिए होगा, जिसका मकसद अभियान के उद्देश्य को पूरा करने के लिए वित्त को शहर की क्षमता के साथ जोड़ना है।

शहरों का चुनाव साफ सफाई, स्वच्छ जल, विद्युत, हरित भाग और आय तथा व्यय के बीच अनुपात की चुनौतियों पर खरा उतरना के बाद किया जाएगा।

सरकार ने स्मार्ट सिटिज मिशन को मंजूरी दे दी है, जिसके अंतर्गत 100 स्मार्ट सिटी बनाई जाएगी।

प्रत्येक शहर को केंद्र सरकार की तरफ से अगले पांच साल की अवधि में हर साल 100 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की 40 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाए।

मोदी ने कहा, “हम उन्हें उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते।”

बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि शहरी विकास के लिए सभी संभावित संसाधनों को तलाशा जाना चाहिए।

उन्होंने मौजूदा समय में दो करोड़ मकानों की कमी को स्वीकारते हुए कहा कि भारत 2022 में आजादी के 75 साल पूरे कर लेगा और तब तक “यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर किसी को मकान उपलब्ध कराएं।”

मोदी ने तीन अभियानों के लिए लोगो, टैगलाइन तथा समार्ट सिटी मिशन के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

शहरी विकास मंत्री की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, “सिर्फ समर्थ शहरों को दो-चरणीय प्रतियोगिता के जरिए स्मार्ट सिटी मिशन के लिए चुना जाएगा।”

इसके मुताबिक, “पहले चरण में प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को तय मानक के आधार पर अपने शहरों को दर्ज कराना होगा, इसके बाद प्रतियोगिता के दूसरे चरण के लिए संभावित शहर के रूप में निर्दिष्ट संख्या के अनुसार शीर्ष शहरों को नामित करना होगा।”

सरकार के अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए व्यवसायियों ने कहा कि इससे देश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलेपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीआरईडीएआई) के उपाध्यक्ष अमित मोदी ने कहा, “एकबार ये पहल लागू हो जाएं, तो इसका देश की अर्थव्यवस्था पर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा, ऐसे आधारभूत संचनाओं के विकास वाले पहलों के लिए निर्माण और विनिर्माण उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि की जरूरत होगी।”

केपीएमजी की आधारभूत संरचना से जुड़ी सेवाओं में साझेदार जगजीत भट्टाचार्य ने कहा, “आर्थिक दक्षता के लिए शहरी आधारभूत संरचना की तत्काल जरूरत है। इस शहरी आधारभूत संरचना के निर्माण की प्रक्रिया आर्थिक क्षेत्र में बड़ी प्रगति होगी, क्योंकि इसके संपादन से सीमेंट, धातु, प्लास्टिक, सामग्रियों तथा सेवाओं का इस्तेमाल होगा।”

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