नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। चीनी मिल मालिकों ने मंगलवार को कहा कि सरकार जब तक उनकी मांग नहीं मान लेती तब तक वे अक्टूबर से शुरू होने वाले पेराई सत्र में काम शुरू नहीं कर पाएंगे। उन्होंने सरकार से गóो की कीमत को चीनी की कीमत के साथ जोड़ने की मांग की है।
भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने प्रमुख राष्ट्रीय दैनिकों में किसानों के नाम एक सूचना प्रकाशित कराई है, जिसमें कहा गया है कि चीन मूल्य बढ़ने चाहिए, अन्यथा हम सरकार द्वारा तय उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) नहीं दे पाएंगे।
इस्मा ने कहा है कि गत छह साल में चीनी का भंडार काफी अधिक बढ़ने और कीमत कम होने के कारण मिल मालिक गóो के 21 हजार करोड़ रुपये बकाए का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही मौजूदा वर्ष के गन्ना मूल्य का भी भुगतान नहीं किया जा सकेगा।
इस्मा महाराष्ट्र की तर्ज पर या रंगराजन समिति की सिफारिश के मुताबिक गन्ना मूल्य को चीनी की कीमत के साथ जोड़े जाने की मांग कर रहा है।
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