वन मंत्री श्री सरताज सिंह ने विश्व वानिकी दिवस पर प्रदेशवासियों का आव्हान करते हुए कहा है कि वे वनों के संरक्षण और विकास में योगदान देकर पर्यावरणीय संतुलन कायम करने में मदद करें।
वन मंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण पृथ्वी के ऊपर से हरा आवरण लगातार घटता जा रहा है जो पर्यावरणीय असंतुलन को जन्म दे रहा है। पर्यावरणीय संतुलन के लिए वनों का संरक्षण और विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री सिंह ने कहा कि इस दिशा में शासकीय और गैर शासकीय दोनों स्तर पर पौधरोपण और उनकी सुरक्षा तथा संरक्षण से ही अपेक्षित परिणाम मिल सकते हैं।
वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वनों के संरक्षण और विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से वनावरण में स्थायित्व आया है। जैविक दबाव के बढ़ते स्तर के बाद भी स्थायित्व आना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है जो आम लोगों के सहयोग के बिना संभव नहीं है।
dharmpath.com dharmpath