इस्लामाबाद, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर गोलीबारी, और भारतीय जवानों के काफिले पर हमला और इसमें शामिल एक आतंकवादी की गिरफ्तारी, कुछ ऐसी घटनाएं हैं, जिनके कारण दोनों देशों के बीच संबंध बहुत खराब हो गए हैं।
यह बात पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार ने शुक्रवार को कही है। अखबार ने कहा है कि सीमापार की घटनाएं रोकने के लिए बनाया गया तंत्र कारगर नहीं हो पा रहा है।
‘न्यूज इंटरनेशनल’ ने अपने संपादकीय में कहा है कि नई दिल्ली की तरफ से दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक का प्रस्ताव आने के एक दिन बाद भारत की ओर से अधिक आक्रामकता देखी गई और बीएसएफ ने सियालकोट कार्यकारी सीमा के पास से गोलीबारी की। चेनाब के रेंजरों ने जवाबी कार्रवाई की।
ऐसे कुछ और घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनसे संबंधों में सुधार नहीं आने वाले हैं।
संपादकीय में कहा गया है, “जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर बीएसएफ की एक बस पर कथित रूप से हमला करने वाले दो आतंकवादियों में से एक को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय मीडिया में उसकी पहचान फैसलाबाद के मुहम्मद नवीद के रूप में की गई है। उसका साथी जवाबी कार्रवाई में मारा गया था।”
अखबार के मुताबिक, “इन सभी घटनाओं से हालात बदतर हो गए हैं। पाकिस्तान की तरफ से इस बारे में अभी कोई बयान नहीं आया है।”
संपादकीय के मुताबिक, सीमा पर गोलीबारी और हमले एक साल से जारी हैं, जिसमें कई व्यक्ति मारे गए हैं और कई अन्य विस्थापित हुए हैं।
अखबार के मुताबिक, “दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने के लिए ये सब एक महत्वपूर्ण कारक हैं।”
अखबार कहता है, “यह इस बिंदु पर बातचीत आयोजित करने के औचित्य पर सवाल खड़े करता है, यद्यपि इस पर गौर किया जाना चाहिए कि संवाद का हमेशा स्वागत हो और दोनों देशों के बीच पनपती समस्याओं के समाधान का यह एकमात्र, सार्थक रास्ता बना रहे।”‘
संपादकीय कहता है कि परेशान करने वाली बात यह है कि सीमापार की घटनाओं को रोकने के लिए निर्धारित प्रक्रिया कारगर नहीं है और भारत भी उस वादे पर कायम नहीं दिख रहा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से रूस के उफा में मुलाकात के दौरान किया था।
dharmpath.com dharmpath