फिनलैंड में चीनी शिक्षण पद्धति को मिल रही सराहना

नियू नियू ने नाटक में पत्थर की भूमिका खुशी-खुशी दिल से निभाई और दर्शकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया पर फूला नहीं समाया।

हेलसिकी में पिछले सप्ताह हुए इंटरनेशनल प्रिंसिपल कन्फेडरेशन के 12वें अधिवेशन में तसिंगुआ विश्वविद्यालय प्राथमिक स्कूल के प्रिंसिपल डोउ गुइमेई द्वारा दिए गए भाषण में सुनाए गए तीन उद्धरणों में से यह एक कहानी थी।

दूसरी कहानी में एक लड़की गणित से बेहद डरती थी। गणित के अध्यापक ने देखा कि छात्रा चित्रकारी में काफी अच्छी है और उसके बाद उन्होंने छात्रा को अपनी चित्रकारी में गणित का समावेश करने के लिए कहा।

इसके बाद छात्रा ने चित्रों वाली एक कहानी बनानी शुरू कि, जिसमें मुख्य किरदार हमेशा गणित सीखने को उत्सुक रहता है, जैसे किसी बैंक खाते की ब्याज राशि कैसे निकाली जाए। दो वर्ष में उसकी चित्रों वाली यह कहानी बनकर तैयार हुई और इन्हीं दो वर्षो में उस छात्रा ने गणित की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया।

तीसरी कहानी कीटों से प्रेम करने वाले एक लड़के के बारे में थी। डोऊ के अनुसार, “वह अपने पिता को मक्खी/मच्छर तक नहीं मारने देता था, क्योंकि उसे लगता था कि मादा मक्खी के पेट में छोटा बच्चा है।”

स्कूल में जब लड़के की आदत पता चली तो उन्होंने उसका खास खयला रखा, हालांकि उसके माता-पिता को लगता था कि इससे उसकी अन्य विषयों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। बाद में वह लड़का पूरी दुनिया में घूम-घूम कर कीटों पर एक पुस्तक लिखने में सफल रहा।

डोऊ ने जब अपनी तीनों कहानियां खत्म कीं तो उन्होंने पाया कि वहां मौजूद दुनिया भर के शिक्षाविदों को उनकी कहानियां बेहद पसंद आईं। सिंगुआ विश्वविद्यालय प्राथमिक स्कूल के अध्यापक एवं शोधकर्ता लिन चांगशान ने कहा, “यह हमारी शिक्षण प्रणाली को मान्यता मिलने के जैसा है।”

फिनलैंड-चीन शिक्षा संघ (एफआईसीईए) के उपाध्यक्ष डोंग ली का इस पर कहना है कि व्यक्ति केंद्रित विकास वाली शिक्षा पद्धति फिनलैंड सहित अनेक पश्चिमी देशों में अपनाई जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में पूरी दुनिया में इस बात को लेकर चिंताएं हैं कि समस्याग्रस्त बच्चों को शिक्षा कैसे दी जाए।

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