यह सैन्याभ्यास 20 से 28 अगस्त तक जापान सागर में पीटर द ग्रेट गल्फ में किया जा रहा है। यांग ने कहा कि इस संयुक्त सैन्याभ्यास का उद्देश्य चीन और रूस के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और दोनों देशों के सशस्त्रबलों के बीच व्यावहारिक सहयोग को सशक्त करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन और रूस की नौसेनाएं संयुक्त समुद्री परिवहन सुरक्षा की कमान क्षमता और संयुक्त लैंडिंग अभियानों में सुधार करना है। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने के लिए अपनी क्षमता को बढ़ाना भी शामिल है।
इस सैन्याभ्यास का विषय ‘ज्वाइंट मैरीटाइम ट्रांसपोर्टेशन प्रोटेक्शन एंड ज्वाइंट लैंडिग मिशन्स’ है, जिसके तहत संयुक्त वायु रक्षा, संयुक्त पनडुब्बी रोधी, जहाज रोधी अभियानों, संयुक्त सुरक्षा और संयुक्त लैंडिंग अभियान शामिल हैं।
यांग ने कहा कि सैन्याभ्यासों के दौरान दोनों देशों की नौसेनाएं एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा करेंगी और विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करेंगी।
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