इसमें स्थानीय प्रशासन से बचाव केंद्रों में दस दिन से अधिक समय तक रहने वाले खानाबदोशों और भिखारियों की बेहतर देखभाल की व्यवस्था करने को कहा गया है।
दस्तावेज में कहा गया है कि बचाव केंद्रों को ऐसे लोगों का ब्यौरा स्थानीय सरकार को देना है, जिनकी पहचान तीन महीनों की अवधि बीत जाने तक भी नहीं हो पाई है।
दस्तावेज में कम उम्र वाले खानाबदोशों और भिखारियों को वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए बनाए गए केंद्रों में नहीं रखने का निर्देश दिया गया है। इसमें सलाह दी गई है कि स्थानीय प्रशासन को खानाबदोशों और भिखारियों की पहचान करने के लिए कड़ी मेहनत करने और वेबसाइट, समाचारपत्रों के माध्यम से उनके परिजनों से संपर्क साधने में उनकी मदद करनी चाहिए।
dharmpath.com dharmpath