मिस्र के सैन्य विशेषज्ञ एवं सशस्त्रबलों के पूर्व जनरल तलत मुसल्लम ने कहा, “यह एक पूर्ण आयोजित परेड थी और सैन्यदल परिश्रमी, अनुशासित और प्रशिक्षित थे।” इस सैन्य परेड में विभिन्न हथियारों की झांकी पेश की गई।
मुसल्लम ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के हाथों कई बार हारने के बाद चीन ने अतीत से सबक सीखते हुए महसूस किया कि अपनी उपलब्धियों की रक्षा करने के लिए शक्तिशाली सेना का होना जरूरी है।
उन्होंने कहा, “सैन्य टुकड़ियों की संख्या में कटौती करने से चीन की सैन्य क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। काहिरा में राजनीति और रणनीति अध्ययन के अल अहराम केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के राजनीतिक अनुसंधानकर्ता एवं विशेषज्ञ सईद अल-लवेंदी का कहना है, “सैनिकों की संख्या में कटौती करना एक सांकेतिक संदेश है कि शांति चीन के दर्शन का केंद्रबिंदु है। चीन सिर्फ अपने और अन्य देशों के बीच ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में शांति चाहता है।”
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
उ्रल्लॅ स्र ँ उँ्रल्लं’ स्रीूंीा’ ंस्र्रं्रल्ल: एॅस्र्रंल्लीस्री
उअकफड, रीस्र. 3 (्रल्लँं) — उँ्रल्लं’ीि्रूल्ल ू ँी ंे ु 300,000 स्र, ंल्लल्लल्लूी िु ढी्रीिल्ल ्र ख्रल्लस्र्रल्लॅ ं Ýिँं’ ्रे’्रं स्रंीि ्रल्ल इी्र्न्रल्लॅ,ील्ल ं ेींॅी ुं उँ्रल्लं’ ्रूेेील्ल स्र्रेल्लॅ ‘ िस्रीूंी ंल्ल िं ँंी िाी, एॅस्र्रंल्लीस्री ं्र.ि
क ं ंी”-ॅंल्ल्री िस्रंीि ंल्ल िँीोूीी ्रु’ ्िर’्रॅील्ल, ्िर्रूस्र’्रल्ली िंल्ल िी”-ं्रल्ली,ि एॅस्र्रंल्ल ्रे’्रंीस्री ंल्ल िोी ंेी िाूी ॅील्लीं’ Ýं’ं टं”ंे ं्र िा ँी स्रंीि ें’्रल्लॅ ँी 70ँ ंल्लल्ल्रींो ँी ्रूो ँी उँ्रल्ली ढीस्र’ी’ हंो फी्रंल्लूी अॅं्रल्ल खंस्रंल्ली अॅॅी्रल्ल ंल्ल िँी ह’ िअल्ल्र-ऋूं्र हं.
क ्रल्लू’ीि िं ं्रीोींस्रल्ल ँं ्र ँी ं’ ं्रॅल्ली ि ँीोूी ंल्ल िीा’ीूी िँीील्लॅँो ं ‘ िस्री, ँी ्रे’्रंीस्री ‘ ्रिल्लँं.
आीोाी्रल्लॅ ूूी्रीीिाीं ं ँी ँंल्ल िाोी्रॅल्ल ंॅॅी, उँ्रल्लं ँं ‘ींल्ली िँी ‘ील्लो ँी स्रं ंल्ल िीं’्री िँं ्र े ल्ल ं स्रीा’ ंे स्रीू ्र ूंँ्रीेील्ल, टं”ंे ं्र.ि
फी्रूिल्लॅ ँी ल्लेुीो स्र ल्ल’ोंाीू ँी स्रीा’ ूल्ल’ ्रे’्रं ंल्ल िं्रल्लॅ ुं्र’्र, ँी ं्र.ि
dharmpath.com dharmpath