दमिश्क, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। तुर्की के समुद्री किनारे पर मिले मृत बच्चे को शुक्रवार को उसके भाई और मां के साथ दफना दिया गया।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक 3 वर्षीय एैलन कुर्दी को उसके गृह नगर कोबेन में दफनाया गया जो कि अपनी मां रेहान और 5 वर्षीय भाई गलिप के साथ उस वक्त डूब गया जब वह यूनान के कोस द्वीप पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
तीनों शवों को सीरिया से सटे तुर्की सीमा के समीप एक शहर ले जाया गया, जहां से उन्हें सीमावर्ती सुरुक श्हर और फिर कोबेन ले जाया गया।
तुर्की के अधिकारी दोनों भाइयों के पिता अबदुल्ला कुर्दी के साथ कोबाने आए।
तुर्की के मुगला प्रांत में बोडरम के अकीयरलार तट पर लाल टी-शर्ट, गहरी नीली निक्कर और काले जूते पहने, मृत 3 वर्षीय एैलेन कुर्दी का चित्र बुधवार को प्रकाशित हुआ था।
मौतों के सिलसिले में चार सीरियाई लोगों को मानव तस्करी के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।
हादसे में बच गए बच्चों के पिता अबदुल्ला कुर्दी शवों को लेकर कोबेन गए जहां उन्हें दफनाया गया।
उन्होंने कहा, ” मैं नहीं जानता, क्या कहूं, क्या करूं। “
कुर्दी ने कहा कि वे युद्ध ग्रस्त शहर में रहेंगे जहां उनका परिवार दफन है।
एैलेन का चित्र युद्ध से बचने की कोशिश कर रहे और यूरोप में सुरक्षा तलाश रहे शरणार्थियों की दुर्दशा का प्रतीक बन गया है।
ब्रिटेन के अखबार इंडीपेंडेंट का कहना है कि अगर तट पर डूबे सीरियाई बच्चे की ये संवेदनशील तस्वीरें भी शरणार्थियों के प्रति यूरोप के नजरिए को नहीं बदल सकती तो कुछ भी नहीं बदल सकता, यह तस्वीर समस्त महाद्वीप के अखबारों में चर्चा का विषय रहा।
पिछले सप्ताह से शरणार्थियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इनमें खासतौर पर सीरिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और अफ्रीका के शरणार्थी हैं। यूरोपीय संघ में नया जीवन बसाने की आशा में वे समुद्री रास्ते तुर्की से यूनान जाने के इच्छुक हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक कुल 2,00,000 प्रवासियों को तत्कालीन पुर्नवास की जरूरत है।
इस वर्ष यूरोप जाने के लिए भूमध्य सागर पार करने की कोशिश में 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इस प्रकार अवैध रूप से पार जाने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए यह विश्व की सबसे खतरनाक जगह बन गया है।
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