सीएएस के उपमहासचिव काओ जिआओये ने रविवार को कहा कि यह पहला मौका है जब देश के प्रति कुछ शोधकर्ताओं के योगदान के लिए उनके नाम सार्वजनिक किए गए हैं। 17,000 से अधिक अनुसंधानकर्ताओं ने ‘दो बम, एक उपग्रह’ परियोजना के लिए काम किया था, जिससे चीन की वैज्ञानिक एवं रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद मिली थी।
उन्होंने कहा कि चीन अपने अथक प्रयासों से उन कुछ गिने-चुने देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें परमाणु और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की जानकारी है।
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