बेस्से ने कहा किटांगा, उत्तरी कीवू, दक्षिणी कीवू तथा ओरिएंटेल प्रांतों से सशस्त्र समूहों के चुंगुल से जनवरी व सितंबर 2015 के बीच 1,339 लड़के व 72 लड़कियों को छुड़ाया जा चुका है।
उन्हें लिबरेशन ऑफ रवांडा के लिए डेमोक्रेटिक फोर्सेज, मायी मायी राहिया मोतोंबोकी, मायी मायी न्यातूरा, एफआरपीआई, एनडीसी चेका तथा मायी मायी याकूतूंबा जैसे समूहों के चंगुल से छुड़ाया गया।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि बाल संरक्षण समूह सशस्त्र समूहों से अभी भी बच्चों को छोड़ देने और उन्हें एमओएनयूएससीओ को सौंप देने की अपील कर रहे हैं, ताकि वे सामान्य जीवन जीने, खासकर स्कूल जाने की शुरुआत कर सकें।
एमओएनयूएससीओ की बाल संरक्षण इकाई ने साल 2015 में झड़प संबंधी हिंसा में अब तक 48 बच्चों की मौत और 44 अन्य के विकलांग होने की खबर दी है।
dharmpath.com dharmpath