सियासी गलियारों में अपने बयानों से हलचल मचाने वाले दिग्विजय सिंह अपने उस बयान पर कायम है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष अलग-अलग होने का मॉडल कारगर साबित नहीं हुआ है.
गौरतलब है कि मंगलवार को कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा है कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच रिश्ते अच्छे हैं. और ऐसा रिश्ता कभी नहीं देखा गया. उन्होंने कहा कि ऐसा रिश्ता भविष्य के लिए भी आदर्श है और यही मॉडल आदर्श है.
जनार्दन द्विवेदी के बयान पर दिग्विजय ने कहा कि पार्टी का मत अलग है और मेरी राय अलग. मैं अपने बयान पर कायम हूं. उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार लेकिन जो पार्टी कहेगी उसे मानूंगा.
हालांकि अंत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो पार्टी का मत है वही अब मेरा मत है.
दरअसल कुछ दिनों पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष अलग-अलग होने का मॉडल कारगर साबित नहीं हुआ है. जिसके बाद कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने पीएम और सोनिया के रिश्तों को बेहतर बताकर दिग्विजय सिंह के बयान को खारिज कर दिया जाए.
मनमोहन लगाएंगे पीएम की हैट्रिक!
मनमोहन सिंह को यूपीए की तरफ से प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाकर पेश किया जाए. ये संकेत कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी के बयान से निकला है. सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को राजनीति की हिट जोड़ी बताने वाले जनार्दन द्विवेदी सिरे से कांग्रेस में दो पावर सेंटर के आरोपों को सियासी आदर्श का जामा पहना दिया. कांग्रेस महासचिव ने साफ कर दिया कि गठबंधन के हिचकोलों से भले ही यूपीए सरकार झटके पर झटका खा रही हो, लेकिन मनमोहन सिंह की कुर्सी का पाया अभी कमजोर नहीं पड़ा.
dharmpath.com dharmpath