चीन-अमेरिका व्यापार में संतुलन और टिकाऊपन

बीजिंग, 20 सितम्बर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। चीन और अमेरिका ने व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग और मतभेद प्रबंधन के जरिए परस्पर काफी लाभ अर्जित किए हैं।

बीजिंग, 20 सितम्बर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। चीन और अमेरिका ने व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग और मतभेद प्रबंधन के जरिए परस्पर काफी लाभ अर्जित किए हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 22-25 सितंबर को होने वाली आगामी अमेरिका यात्रा में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय निवेश समझौते (बीआईटी) होने की उम्मीद है।

गत वर्ष नवंबर में अमेरिका की रिटेल कंपनी कोस्टको ने चीन में प्रवेश के पहले ही दिन चीन में 200 टन क्रेनबेरी बेच लिए। चीन के मध्य वर्ग की क्रय शक्ति को देखते हुए अलीबाबा ने गत वर्ष के शुरू में तमाल ग्लोबल ऑनलाइन प्लेटफार्म लांच किया, जहां दुनियाभर के खाद्य, परिधान, कॉस्मेटिक बेबी केयर तथा अन्य उत्पाद उपलब्ध किए गए हैं।

अली बाबा के मुताबिक तमाल ग्लोबल लांच होने के सिर्फ नौ महीने में कुछ प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय रिटेल कंपनियों की बिक्री 16 लाख डॉलर को पार कर गई है।

अमेरिका-चीन व्यापार परिषद ने 2015 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि चीन अब कनाडा और मेक्सिको के बाद अमेरिका के लिए तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बन चुका है। गत 10 साल में चीन को होने वाला अमेरिकी निर्यात 198 फीसदी बढ़ चुका है।

अगले दशक में चीन-अमेरिका व्यापार संबंध पर किए गए एक संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि चीन उपभोक्ता आधारित विकास का मॉडल अपना रहा है और आज दुनिया की फैक्टरी कहलाने वाला चीन दुनिया का सबसे बड़ा आयातक और सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।

अली बाबा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के वरिष्ठ निदेशक वू कियान ने कहा, “हम अपने अमरिकी साझेदारों को ऑनलाइन स्टोर खोलकर चीन के बाजार की थाह लेने में मदद करना चाहते हैं।”

इसके साथ ही चीन अमेरिका के लिए सबसे बड़ा निर्यातक भी है। 2014 में इसका व्यापार आधिक्य 237 अरब डॉलर से अधिक रहा। आम तौर पर इस व्यापार असंतुलन को अमेरिका में व्याप्त बेरोजगारी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन कई अर्थशास्त्री व्यापार असंतुलन की इस गणना को भ्रामक बताते हैं।

वाशिंगटन के लिए व्यापार घाटा कम करने का एक सही तरीका यह है कि वह उच्च प्रौद्योगिकी निर्यात पर लगाई गई पाबंदी में ढील दे, जिसके कारण चीन को अन्य देश से खरीदारी करनी होती है, जिसका बुरा प्रभाव अमेरिकी उच्च प्रौद्योगिकी कंपनियों की लाभ कमाने की क्षमता पर पड़ता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका ने 2,000 उत्पादों पर चीन को निर्यात किए जाने से रोक लगा रखी है।

आर्थिक और व्यापारिक रिश्ता दोनों देशों के रिश्तों की धुरी है और एक-दूसरे का पूरक भी है।

जॉन ऑफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट के प्रोफेसर रॉबर्ट लॉरेंस ने कहा, “निर्यात बाजार में चीन और अमेरिका के बीच उतने भी कांटे की प्रतिस्पर्धा नहीं है। चीन का विकास हमारे लिए अच्छा है, क्योंकि वे हमारे उपभोक्ता को सस्ते उत्पाद उपलब्ध कराते हैं। साथ ही वे हमें हमारे उत्पादों की कीमत कम करने के लिए बाध्य भी नहीं करते।”

उन्होंने कहा, “इसलिए मैं सार रूप में कहना चाहता हूं कि चीन का विकास अमेरिका के हित में है। हम एक दूसरे के प्रतिस्पर्धी से अधिक सहयोगी हैं।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493