रिपब्लिकन समर्थक नए हिंदू समूह की नजर भारतवंशियों पर

वाशिंगटन, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक प्रबल समर्थक ने अमेरिकी सदन के पूर्व अध्यक्ष और रिपब्लिकन पार्टी के नेता न्यूट गिंगरिक को अपने उस अभियान में शामिल कर लिया है, जिसका मकसद भारतीय मूल के अमेरिकियों को रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में खड़ा करना है। आम तौर से माना जाता है कि भारतवंशियों का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ रहता है।

वाशिंगटन, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक प्रबल समर्थक ने अमेरिकी सदन के पूर्व अध्यक्ष और रिपब्लिकन पार्टी के नेता न्यूट गिंगरिक को अपने उस अभियान में शामिल कर लिया है, जिसका मकसद भारतीय मूल के अमेरिकियों को रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में खड़ा करना है। आम तौर से माना जाता है कि भारतवंशियों का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ रहता है।

मोदी के इस समर्थक का नाम शलभ ‘शल्ली’ कुमार है। कुमार शिकागो स्थित इलेक्ट्रॉनिक कंपनी, एवीजी एडवांस टेक्नोलॉजी के प्रमुख हैं। उन्होंने रिपब्लिकन हिंदू कोअलिशन (आरएचसी) का गठन किया है। गिंगरिक को रिपब्लिकन पार्टी समर्थक इस हिंदू गठबंधन का मानद अध्यक्ष बनाया गया है।

गिंगरिक ने ‘वाशिंगटन एक्जामिनर’ को बताया कि इस गठबंधन की बुनियाद प्रभावी भूमिका निभाने वाले यहूदी रिपब्लिकन गठबंधन की तर्ज पर रखी गई है। उन्होंने कहा कि कुमार का हिंदू गठबंधन परंपरागत रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक माने जाने वाले भारतीय आव्रजकों की पहली पीढ़ी के बीच रिपब्लिकन पार्टी को स्थापित करने का काम करेगा।

कुमार ने रिपब्लिकन हिंदू गठबंधन की शुरुआत खुद के 20 लाख डालर के चंदे से की है।

गिंगरिक ने कहा, “शल्ली के प्रयास का मकसद वास्तव में देश के तमाम लोगों को एक साथ लाने वाला है, ताकि लोग राजनीति से जुड़ सकें और हमें यह मौका दें कि हम रिपब्लिकन पार्टी की मौजूदा सूरत को बदलकर इसे एक व्यापक समुदाय से जुड़ी पार्टी बना सकें।”

कुमार ने कहा कि इस नए राजनैतिक समूह के गठन का विचार इस चिता से पैदा हुआ कि डेमोक्रेटिक पार्टी और राष्ट्रपति बराक ओबामा आर्थिक हालत में आए सुधार को नियमों के जरिए कुंद करने की कोशिश कर रहे हैं।

आरएचसी का कहना है कि वह ऐसे प्रत्याशियों का समर्थन करेगा जो अमेरिका के कर्ज को कम करने, कड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति बनाने और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ काम करेंगे।

इसका जोर इस बात पर भी होगा कि भारत और अमेरिका का कारोबारी रिश्ता और बढ़े। साथ ही पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी मदद कम की जाए।

कुमार ने कहा, उदाहरण के लिए हम अमेरिका को इस बात के लिए मनाने की कोशिश करेंगे कि विनिर्माण के काम को चीन से भारत स्थानांतरित किया जाए।

कुमार और गिंगरिक की कोशिश है कि आरएचसी के 400 संस्थापक सदस्यों से रिपब्लिकन प्रत्याशियों और समूहों के लिए कोष एकत्र किया जाए। साथ ही भारतीय समुदाय को रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में आने के लिए प्रेरित किया जाए।

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