नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। वैश्विक आर्थिक विकास दर 2015 में 2.3 फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2009 की मंदी के बाद सबसे कम है। यह बात वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने कही।
फिच के मुताबिक, ब्राजील और रूस में मंदी, चीन और कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं में संरचनागत सुस्ती के कारण वैश्विक विकास दर कम रहेगी।
फिच द्वारा जारी ताजा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य (जीईओ) में कहा गया है, “2016 और 2017 में उभरती अर्थव्यवस्थाओं में विकास में हल्की तेजी आने से विकास दर बढ़कर 2.7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। 2016 में प्रमुख विकसित देशों में विकास दर दो फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2011 के बाद सर्वाधिक होगी।”
परिदृश्य रपट के मुताबिक, 2015 में भारत की विकास दर ब्रिक (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) देशों में सर्वाधिक 7.5 फीसदी रहेगी, जो 2016 में बढ़कर आठ फीसदी हो जाएगी। भारत में संरचनागत सुधार और निवेश में वृद्धि की वजह से विकास दर अधिक रहेगी।
रपट के मुताबिक, चीन की विकास दर 2015 में 6.8 फीसदी, 2016 में 6.3 फीसदी और 2017 में 5.5 फीसदी रहेगी।
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