कोलंबो, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे अपना बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार को राष्ट्रपति के एक आयोग के समक्ष पेश हुए। आरोप है कि अगले कार्यकाल के लिए चुनाव में उतरे राजपक्षे ने सरकारी मीडिया का इस्तेमाल किया, मगर इसके लिए तय शुल्क उन्होंने अदा नहीं किया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, राजपक्षे पर इस वर्ष जनवरी में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान प्रचार के लिए सरकारी मीडिया का इस्तेमाल करने के एवज में तय शुल्क नौ महीने बाद भी नहीं चुकाया है।
श्रीलंकाई चुनाव कानून के अनुसार, चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवारों को समान अधिकार देते हुए राजकीय मीडिया पर सभी को समान कवरेज दिए जाने की अपेक्षा की जाती है। इसके अलावा किसी उम्मीदवार के प्रचार के लिए विज्ञापन शुल्क तय है।
पूर्व राष्ट्रपति और उनकी टीम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर राजपक्षे के समर्थन में विज्ञापन प्रसारित करने के लिए राजकीय टेलीविजन चैनल की सेवाएं ली थीं और इसके लिए तय शुल्क बाद में अदा करने की बात कही गई थी, जो नहीं चुकाया गया।
इसी सिलसिले में नई सरकार द्वारा गठित प्रेसिडेंशियल कमीशन ऑफ इंक्वायरी ऑन फ्रॉड एंड करप्शन (पीआरईसीआईएफएसी) ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
पीआरईसीआईएफएसी ने गुरुवार को राजपक्षे को सुनवाई के लिए तलब किया है।
पूर्व मीडिया मंत्री केहेलिया रम्बूकवेला भी इसी मामले में अदालत के समक्ष पेश होंगे।
राजपक्षे जनवरी में हुए राष्ट्रपति चुनाव में मैत्रीपाला सिरिसेना के खिलाफ खड़े हुए थे, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
सिरिसेना सरकार ने सत्ता संभालते ही राजपक्षे शासन के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच करानी शुरू कर दी थी।
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