मुंबई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने रविवार को अहम फैसला लेते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स को लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करते हुए लीग से दो वर्ष के लिए निलंबित रखने का फैसला लिया।
बीसीसीआई ने रविवार को कार्यकारी समिति की बैठक में यह अहम फैसला लिया।
बोर्ड ने यह भी कहा कि आईपीएल के नौवें और दसवें संस्करण (2016 और 2017) के लिए रॉयल्स और सुपर किंग्स की स्थानापन्न टीमों के लिए नए सिरे से निविदाएं जारी की जाएंगी। सुपर किंग्स और रॉयल्स 2018 में होने वाले आईपीएल-11 के साथ वापसी कर सकेंगी।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित लोढ़ा समिति ने रॉयल्स के सह-मालिक राज कुंद्रा और सुपर किंग्स के टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मयप्पन को आईपीएल-2013 में सट्टेबाजी का दोषी पाए जाने के बाद दोनों टीमों को दो वर्ष के लिए निलंबित करने की सिफारिश की थी।
नए अध्यक्ष शशांक मनोहर की देखरेख में बड़ा कदम उठाते हुए बोर्ड हितों के टकराव के संदर्भ में संविधान संशोधन के लिए भी राजी दिख रहा है और इस संबंध में अगली वार्षिक आम सभा की बैठक में प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
बोर्ड की अगली वार्षिक आम सभा नौ नवंबर को मुंबई स्थित बोर्ड मुख्यालय में होगी।
भारतीय क्रिकेट टीम की एपेरल प्रायोजक नाइकी के करार की अवधि बढ़ा दी गई है और आईपीएल के टाइटिल स्पांसर के रूप में वीवो मोबाइल्स का चयन किया गया है, जिसे अगले 10 दिनों में बैंक गारंटी राशि जमा करने के लिए कहा गया है।
इससे पहले टाइटिल स्पांसर पेप्सी था, लेकिन उसने लीग की खराब छवि का हवाला देकर पांच साल के करार को तीन साल में ही खत्म करने का फैसला किया। पेप्सी से पहले डीएलएफ टाइटिल स्पांसर था।
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