लिस्बन, 18 अक्टूबर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। सत्रहवीं सदी की रहस्यों से लिपटी एक पेंटिंग को पहली बार पुर्तगाल की राजधानी में लोगों के सामने पेश किया गया है। लिस्बन के विहंगम दृश्य को अपने में समेटे यह पेंटिंग बीते हफ्ते जर्मनी से यहां लाई गई।
लिस्बन, 18 अक्टूबर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। सत्रहवीं सदी की रहस्यों से लिपटी एक पेंटिंग को पहली बार पुर्तगाल की राजधानी में लोगों के सामने पेश किया गया है। लिस्बन के विहंगम दृश्य को अपने में समेटे यह पेंटिंग बीते हफ्ते जर्मनी से यहां लाई गई।
यह पेंटिंग लिस्बन के प्राचीन कला के राष्ट्रीय संग्रहालय में 14 फरवरी 2016 तक प्रदर्शित की जाएगी।
संग्रहालय के निदेशक अंतोनियो फिलिपे और स्थानीय विशेषज्ञ इस पेंटिंग के रहस्य पर से पर्दा हटाने के लिए इसका अध्ययन करेंगे।
पेंटिग के साथ तीन रहस्य जुड़े हुए हैं। पहला-इसे किसने पेंट किया था? दूसरा-इसे कब पेंट किया गया? तीसरा-यह जर्मनी में क्यों थी?
इस पेंटिंग के अस्तित्व में होने के बारे में पुर्तगाली विशेषज्ञ जानते थे। लेकिन, इनमें से अधिकांश को इसे पहली बार देखने का मौका मिल रहा है।
यह जर्मनी कैसे पहुंची, इस पर पुर्तगाली सिर्फ इतना जानते हैं कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी पहुंची।
इसे किसने पेंट किया, इस रहस्य पर से पर्दा उठ सकता है क्योंकि इसका संकेत करने वाली कई चीजें पेंटिंग में हैं।
यह कब बनी, इसकी एक जानकारी तो पेंटिग में ही है। इस पर 1613 की तिथि पड़ी है। यह बताती है कि स्पेन के राजा फिलिप तृतीय की पुर्तगाल की पहली यात्रा का स्वागत कैसे हुआ था।
लेकिन, इसमें एक पेंच यह है कि राजा का आगमन 1618 में हुआ था न कि 1613 में।
एक संभावना यह हो सकती है कि पेंटिग राजा के 1613 में आगमन को ध्यान में रखकर बनाई गई हो।
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