पर्यटन योजना में अपने बौद्ध परिपथ को देखना चाहता है ओडिशा

 

भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना में ओडिशा के बौद्ध परिपथ को शामिल करने की शुक्रवार को अपील की।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा को भेजे एक पत्र में पटनायक ने लिखा है कि रत्नागिरी, ललितगिरी और उदयगिरी के बौद्ध त्रिकोण को नई योजना में घोषित बौद्ध परिपथ में शामिल किया जाना चाहिए।

इस त्रिकोण को ओडिशा में डायमंड त्रिकोण के नाम से भी जाना जाता है।

पटनायक ने अपने पत्र में लिखा है, “चैत्य, स्तूप, मठ और यहां स्वर्ण पात्र में मिले दांत के अवशेष बताते हैं कि ये बौद्ध परिपथ देश के अन्य महत्वपूर्ण बौद्ध परिपथों के स्तर का है। इन बौद्ध स्मारकों में प्राचीन और मध्यकाल की ओडिशा की सामाजिक-सांस्कृतिक छवि दिखती है।”

उन्होंने कहा कि यह एक सर्वविदित तथ्य है कि ओडिशा में कलिंग के युद्ध के बाद सम्राट अशोक ने पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म को फैलाया था।

उन्होंने कहा कि योजना में शामिल होने के बाद पर्यटन के आधारभूत ढांचे के साथ इन बौद्ध स्थलों का विकास होगा।

पटनायक ने पत्र में कहा कि पुरातत्वविद पूरे राज्य में 200 बौद्ध स्थल की तलाश कर चुके हैं।

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