काबुल, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान तालिबान के अलग गुट ने मुल्ला अख्तर मंसूर के नेतृत्व को अवैध करार देते हुए अपना नया नेता चुन लिया है।
तोलो टेलीविजन चैनल ने अपने न्यूज बुलेटिन में कहा है, “मुल्ला उमर के घनिष्ठ सहयोगी मुल्ला मोहम्मद रसूल ने मंसूर के प्रति निष्ठा जताने से मना कर दिया था। सोमवार को रसूल के समर्थकों ने उसे अपना सर्वोच्च नेता चुन लिया।”
इस रपट पर न तो तालिबान और न ही अफगानिस्तान सरकार ने कोई टिप्पणी की है।
जुलाई में तालिबान नेता मुल्ला उमर की मौत की पुष्टि के बाद तालिबान आतंकवादी मुल्ला अख्तर मंसूर के समर्थक और विरोधी के रूप में बंट गए थे।
विरोधियों का नेतृत्व मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला याकूब कर रहा था। इस गुट ने मुल्ला अख्तर मंसूर को अमीरुल मोमिन (सर्वोच्च नेता) मानने से इंकार कर दिया और व्यावहारिक रूप से विभाजित सशस्त्र समूह को चुनौती दी।
मीडिया रपटों के मुताबिक, मुल्ला मनान नियाजी को अफगानिस्तान तालिबान के अलग गुट का प्रवक्ता व मुल्ला मंसूर दादुल्ला को उप नेता नियुक्त किया गया है।
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