इस्लामाबाद, 13 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की राजधानी स्थित लाल मस्जिद के विवादास्पद धर्मगुरु अब्दुल अजीज ने देश में शरीयत कानून लागू करने की मांग के साथ शुक्रवार को रैली निकाली। रैली बिना इजाजत निकाली गई। मस्जिद और जामिया हफ्सा नाम के मदरसे के आस-पास बड़ी संख्या में पुलिस और रेंजर्स के जवान तैनात किए गए थे, लेकिन फिर भी अजीज ने रैली निकाली।
‘डॉन’ की रपट के मुताबिक रैली का नेतृत्व अजीज और उनकी पत्नी उम्मे हसन ने किया। उम्मे हसन जामिया हफ्सा की प्रमुख हैं। रैली लाल मस्जिद से निकल कर जामिया हफ्सा तक गई। रैली में शामिल लोग सरकार के खिलाफ और अजीज के पक्ष में नारे लगा रहे थे। उन्होंने देश में शरीयत कानून लागू करने के पक्ष में नारे लगाए।
इस्लामाबाद के जिला अधिकारी ने बिना इजाजत रैली निकालने के लिए अजीज के नाम चेतावनी नोटिस जारी किया है। इसमें उन्हें याद दिलाया गया है कि उनका नाम आतंकवाद रोधी कानून के तहत बनाई गई ‘वाचलिस्ट’ में शामिल है।
यह पहला मौका नहीं है जब अजीज शरीयत कानून लागू करने की मांग के साथ सरकार से टकरा रहे हैं। अप्रैल 2007 में उन्होंने देश में शरीयत कानून को सरकार की मनाही के बावजूद लागू करने का ऐलान किया था। उन्होंने आत्मघाती हमलों की धमकी दी थी।
इसके बाद लाल मस्जिद के आसपास सुरक्षाकर्मियों और आतंकवादियों के बीच हुए संघर्ष में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 150 लोग घायल हो गए थे।
अजीज ने बुरका पहन कर मस्जिद से भागने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया था।
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