घाना में चीन की राजदूत सुन बाओहोंग और घाना के वित्त मंत्री सेथ तेर्कपर ने इसके लिए एक करार पर हस्ताक्षर किए।
चीनी राजदूत ने कहा कि इस परियोजना से जल जनित बीमारियों का खतरा कम होगा। साथ ही महिलाओं व बच्चों को प्रतिकूल परिस्थितियों से छुटकारा मिलेगा और उद्योग एवं व्यवसाय जगत की हालत में सुधार होगा।
बाओहोंग ने कहा, “इस 1,000 बोरहोल परियोजना की व्यावहारिकता को लेकर चीनी विशेषज्ञों ने एक साल पहले ही जांच शुरू कर दी थी। आज (बुधवार) करार पर हस्ताक्षर के बाद इस परियोजना को जल्द शुरू किया जाएगा और मेरी आशा है कि इसे सहज ढंग से चलाया जाएगा।”
हाल ही के वर्षो में चीन ने आर्थिक विकास और सामाजिक सुधार के लिए घाना को सहयोग बढ़ाया है, जिसमें स्कूलों, अस्पतालों, कार्यालयों की मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैं।
राजदूत ने बताया कि साल 2015 में केप कोस्ट में खेल स्टेडियम और हो में यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड अलाइड साइंसेज की स्थापना की गई।
बाओहोंग आशावादी हैं कि अगले महीने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने वाले चीन-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में चीन और अफ्रीका की साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।
घाना में 1,000 बोरहोल की परियोजना पर 1.25 करोड़ अमेरिकी डॉलर के खर्च का अनुमान है। यह परियोजना चीन सरकार की ओर से घाना को एक सहायता है।
घाना के वित्त मंत्री के अनुसार, विकास के मार्ग पर पिछले 30 वर्षो में इतना लंबा सफर तय करने के बाद चीन एक ऐसा मॉडल बन गया है, जिसका अनुसरण कई अफ्रीकी देश करना चाहेंगे।
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