वाशिंगटन, 18 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका की एक अदालत ने कहा कि फेसबुक को इस बात का अधिकार है कि वह अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन ‘सिख फार जस्टिस’ (एसएफजे) के भारत के फेसबुक पेज को ब्लाक कर सके। यह नहीं कहा जा सकता कि फेसबुक ने ऐसा कर भेदभाव किया है।
वाशिंगटन, 18 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका की एक अदालत ने कहा कि फेसबुक को इस बात का अधिकार है कि वह अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन ‘सिख फार जस्टिस’ (एसएफजे) के भारत के फेसबुक पेज को ब्लाक कर सके। यह नहीं कहा जा सकता कि फेसबुक ने ऐसा कर भेदभाव किया है।
एसएफजे ने बताया कि बीते हफ्ते सैन होजे में जिला न्यायाधीश लुसी कोह ने कहा कि धार्मिक भेदभाव की शिकायत कम्युनिकेशन्स डिसेंसी कानून के तहत करना संभव नहीं है।
अदालत ने कहा कि यह कानून इस बात की इजाजत नहीं देता कि फेसबुक जैसे सेवा प्रदाताओं को प्रकाशक या किसी अन्य के तैयार किए हुए भाषण का वक्ता माना जाए।
अपनी याचिका में एसएफजे ने कहा था कि भारत सरकार के कहने पर फेसबुक ने उसके पेज को ब्लाक कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यह पेज सिखों पर होने वाले कथित जुल्म का विरोध करता है और भारतीय राज्य पंजाब में जनमत संग्रह की मांग उठाता है। कई बार आग्रह के बावजूद फेसबुक ने पेज ब्लाक करने की कोई वजह नहीं बताई।
एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नुन ने कहा कि “न्यायाधीश कोह के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। यह फैसला भारत सरकार के कहने पर एसएफजे पेज पर लगाई गई रोक का महज विस्तार है।”
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