न्यूयार्क, 24 नवंबर (आईएएनएस)। अन्वेषकों ने लीबिया में मानवाकार स्तनपायी जानवर की एक नई प्रजाति ‘डब्बड एपिडियम जुएटिना’ खोज निकाली है।
मानवाकार स्तनपायी जानवर बंदरों, वानरों या आदि मानव की तरह है।
अन्वेषक वैज्ञानिकों ने जाल्लाह ओएसिस में संधान किया। यह जगह 3 करोड़ साल पहले के जीवाश्मों के शोध के लिए सबसे बेहतर है।
उन्होंेने कहा कि डब्बड एपिडियम जुएटिना मिस्र के बाहर पाए गए एपिडियम का पहला उदाहरण है।
अमेरिका में कानसास विश्वविद्यालय के मुख्य शोधकर्ता के.क्रिस्टोफर बियर्ड ने कहा, “एपिडियम काफी दिलचस्प है, क्योंकि यह सबसे पहले पाए जाने वाले मानवाकार स्तनपायी है और इसकी खोज 1908 में हुई थी।”
बियर्ड ने बताया, “सबसे पुराना एपिडियम जीवाश्म 3.1 करोड़ साल पुराना है, जबकि सबसे नया जीवाश्म 2.9 करोड़ साल पुराना। लीबीया में की गई खोज से पहले मिस्र में एपिडियम की तीन ही प्रजातियों की खोज की गई थी।”
बियर्ड ने कहा कि एपिडियम जुएटिना शारीरिक रूप से वर्तमान में दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले ‘स्केवरल मंकी’ की तरह ही हो सकते हैं, लेकिन इनके दिमाग छोटे आकार के होंगे।
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि एपिडियम काफी सक्रिय वृक्षवासी बंदरों की तरह थे, एक अच्छी छलांग लगाने वाले।”
अन्वेषकों की टीम ने एपिडियम जुएटिना की पहचान उसके दांतों के विश्लेषण के आधार पर की।
इस प्रजाति का नाम इसकी भौतिक विशेषताओं को देखते हुए नहीं रखा गया, बल्कि जुएचिना तेल कंपनी के नाम पर रखा गया, जिसने खतरनाक लीबिया में इस काम को संभव बनाया।
इस खोज की रिपोर्ट पत्रिका ‘ह्युमन एवोल्यूशन’ में प्रकाशित हुई है।
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