नल का पानी खाना बनाने के लिए खतरनाक

लंदन, 25 नवंबर (आईएएनएस)। क्लोरामिन युक्त पानी में बना खाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि एक नए शोध के मुताबिक, क्लोरामिन युक्त पानी और नमक प्रतिक्रिया कर ऐसे हानिकारक रसायनों का निर्माण करते हैं, जो आपको अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी है।

शोध दल ने ऐसे कई नए अणुओं का पता लगाया है, जो बिल्कुल नए हैं और क्लोरामिन युक्त पानी और खाने में मौजूद आयोडीन युक्त नमक के बीच प्रतिक्रिया स्वरूप बने हैं।

पानी को स्वच्छ करने के लिए उसमें या तो क्लोरीन या क्लोरोएमीन्स के अणु मिलाए जाते हैं।

शोधार्थियों के दल के अनुसार, “नल के पानी में मौजूद क्लोरीन या क्लोरामाइन्स आयोडीन नमक के साथ प्रतिक्रिया कर हाईपोआयोडस एसिड का निर्माण करते हैं, जो कि साधारण रूप से हानिकारक नहीं है, लेकिन जब यह एसिड भोजन पकाते समय नल के पानी में मौजूद अणुओं और अन्य कार्बनिक (जैव) पदार्थो के साथ प्रतिक्रिया करता है, तब इससे हानिकारक आयोडीनयुक्त कीटाणुनाशक (आई-डीबीपी) का निर्माण होता है।

हांगकांग युनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर डॉ.शियांग्रु झांग के अनुसार, “खाना बनाते समय बना आई-डीबीपी पर्यावरणीय रसायनविदों व इंजीनियरों के लिए बिल्कुल नया है।”

शोधकर्ताओं ने विभिन्न नलों के पानी के साथ विभिन्न तापमान व समय पर खाना बनाया और उसमें आयोडीन युक्त नमक मिलाकर देखा कि आई-डीबीपी का निर्माण कर उसका अध्ययन किया।

अति आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर उन्होंने इस तरह से बने खाने में 14 नए अणुओं की पहचान की, जो अन्य की तुलना में 50-200 गुना अधिक खतरनाक हैं।

डॉ. झांग व शोध दल ने कहा कि लोगों को पानी को स्वच्छ करने के लिए क्लोरामिन की जगह क्लोरीन का इस्तेमाल करना चाहिए और नमक के रूप में पोटाशियम आयोडाइड की जगह पोटाशियम आयोडेट का इस्तेमाल करना चाहिए।

कम तापमान पर कम समय तक भोजन को पकाना भी आई-डीबीपी के निर्माण को सीमित करता है।

यह शोध पत्रिका ‘वाटर रिसर्च’ में प्रकाशित हुआ है।

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