
ब्यूरो(वाराणसी से )–यह जगह है औघड़ संत अवधूत भगवान् राम जी की साधना स्थली,यह अवस्थित है वाराणसी में मडुआडीह रेलवे स्टेशन के सामने सुलेमान के बग़ीचे में,अवधूत भगवान् राम जी ने इसी जगह श्री सर्वेश्वरी समूह की स्थापना की,अघोर परंपरा के ये महान संत जिन्हें एक औघड़ लीक से हट कर की संज्ञा भी प्रदान की गयी क्योंकि इन्होने समयकाल से अघोर के पर्यायों को बदल दिया एवं अधिक समाज उपयोगी रूप में प्रदर्शित किया,जब बाबा वाराणसी में निवास करते थे तब इन्ही सुलेमान जी ने बाबा से यहाँ निवास करने का निवेदन किया और बाबा ने इस स्थान को अपना निवास एवं साधनास्थल बनाया,यह प्रदर्शित किया की औघड़ हमेशा अभेद के मार्ग में गमन करते हैं ,इनकी सम दृष्टि होती है ,इस बगीचे में एक कुआं स्थित है जिसका पानी अत्यंत स्वादिष्ट है एवं लोग रोग ठीक करने हेतु भी यह पानी इस्तेमाल करते हैं ,जब पड़ाव पर कोई व्यवस्था नहीं थी तब बाबा दिन भर पड़ाव पर बिताने के बाद शाम को इसी जगह आ जाते थे एवं निवास करते थे ,अब वाराणसी के जन इस जगह को को अपने दिलों में जगह दे कर इसका जीर्णोध्वार कर रहे हैं,यह स्थान युगों युगों तक जनमानस के मन में चेतना जाग्रत करता रहेगा एवं साधकों को उर्जा प्रदान करेगा।भारत के इस महान संत की धरोहर को हम भारतवासियों को संजोना होगा ताकि यह महान संत परंपरा नवीन पीढ़ी को दिशा देती रहे।
dharmpath.com dharmpath