इस्लामाबाद, 29 नवंबर (आईएएनएस)। सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्यों (एमडीजी) को प्राप्त करने में नाकाम रहे पाकिस्तान के लिए सतत विकास के लक्ष्य (एसडीजी) हासिल कर पाना भी संभव नहीं है।
समाचार वेबसाइट ‘डॉन ऑनलाइन’ ने नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलॉजी (एनयूएसटी) के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान जैसे विकासशील देशों को अपने संसाधनों के आधार पर अपने लक्ष्य पहचानने चाहिए और उन्हें पाने की कोशिश करनी चाहिए।
एनयूएसटी स्कूल ऑफ सोशल सांइसिस एंड ह्यूमनिटीज के प्राध्यापक अशफाक हसन खान ने यहां एक सम्मेलन में कहा कि एमडीजी की घोषणा 2000 में की गई थी और इसमें आठ लक्ष्यों और 40 संकेतकों को चिन्हित किया था, पाकिस्तान इन्हें पाने में असफल रहा था।
खान ने कहा, “एसडीजी के 17 लक्ष्य और 169 संकेतक हैं। जब हम एमडीजी और उनसे 40 संकेतकों को हासिल करने में ही असफल रहे तो हम एसडीजी और उनके संकेतकों को कैसे प्राप्त कर पाएंगे।”
संयुक्त राष्ट्र ने चरम गरीबी दर आधा करने से लेकर एचआईवी/एड्स के प्रसार को रोकने और सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्यों समेत आठ सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने का खाका तैयार किया था।
इन सभी को 2015 तक पाने का लक्ष्य तय किया गया था और इसे दुनिया के सभी देशों ने स्वीकार किया था।
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