आरबीआई की 5वीं मौद्रिक नीति समीक्षा मंगलवार को

मुंबई, 29 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मंगलवार को वर्तमान वित्त वर्ष की पांचवीं द्विमाही मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। विश्लेषकों को इस समीक्षा में मुख्य दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है।

29 सितंबर की पिछली मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे 6.75 फीसदी कर दिया। रेपो दर वह दर है, जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के लिए कर्ज देता है।

आरबीआई ने इस साल रेपो दर में कुल 125 आधार अंकों की कटौती की है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व दिसंबर में मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा और विश्लेषकों के मुताबिक आरबीआई इससे पहले दरों में कटौती नहीं करेगा।

एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) ने यहां अपने एक बयान में कहा, “मध्यपूर्व के राजनीतिक तनाव और आतंकी हमले की चेतावनी का निश्चित रूप से आरबीआई की समीक्षा पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है।”

चैंबर ने कहा, “अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की स्थिति में रुपये की स्थिरता का मुद्दा मौद्रिक नीति पर प्रभाव डालेगा और उद्योग को निश्चित रूप से इस स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।”

चैंबर के बयान में कहा गया है, “सितंबर 2015 की कटौती और पिछली कटौतियां, मानसून की अनिश्चितता और 2016 में खाद्य प्रबंधन की क्षमता और सरकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि आरबीआई के पांच फीसदी से नीचे उपभोक्ता महंगाई दर रखने के लक्ष्य के लिए बड़ी चुनौतियां हैं।”

उपभोक्ता महंगाई दर अक्टूबर में पांच फीसदी दर्ज की गई, जो सितंबर में 4.41 फीसदी थी।

वेतन वृद्धि लागू करने से सरकारी खर्च के 1,02,000 करोड़ रुपये बढ़ने से वित्तीय घाटा कम करने की कोशिशों पर दबाव बढ़ेगा।

रबी फसल की उपज उम्मीद से कम हुई है। दाल की कीमत भी बढ़ रही है, इसका महंगाई दर पर असर होगा।

आरबीआई ने हाल ही में देश की विकास दर के अनुमान को पूर्व घोषित 7.6 फीसदी से घटाकर 7.4 फीसदी कर दिया है।

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