संयुक्त राष्ट्र, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने कहा कि नेपाल में सर्दियों के मौसम में तेल, भोजन, दवाइयों और अन्य चीजों की आपूर्ति की कमी से करीब 30 लाख बच्चों का जीवन खतरे में है।
ये 30 लाख बच्चे पांच साल से कम उम्र के हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पिछले 10 सप्ताहों में नेपाल के नए संविधान को लेकर फैली अशांति के कारण देश की दक्षिणी सीमा पर महत्वपूर्ण वस्तुओं के आयातों पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
सोमवार को जारी रिपोर्ट से पता चला है कि सरकार के क्षेत्रीय दवा केंद्रों में पहले से ही तपेदिक के टीकों की कमी चल रह है, जबकि अन्य दवाइयां भी कम ही रह गई हैं।
यूनिसेफ ने आगाह किया था कि नेपाल में बच्चे अप्रैल में आए भीषण भूकंप की त्रासदी से अब तक उठ नहीं पाए हैं।
इस महीने, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने नेपाल-भारत की सीमा पर आवश्यक आपूर्ति में लगे अवरुद्ध पर चिंता जताई थी और सभी को बिना कोई देरी किए इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए कहा था।
तेल की कमी के कारण लोगों को लकड़ी पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे निमोनिया के मामले भी बढ़ सकते हैं।
यूनिसेफ ने कहा कि पिछले साल नेपाल में करीब 800,000 बच्चों को निमोनिया हुआ था और लगभग 5,000 बच्चों की मौत हो गई थी।
यूनिसेफ के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक करीन हुलशोफ ने कहा कि वर्तमान में बच्चे जिस दुर्दशा का सामना कर रहे हैं, वह सर्दियों में और भी खराब हो जाएगी।
उन्होंने कहा, “बच्चों को बिमारी, ठंड और भूख से बचाना जरूरी है। यूनीसेफ ने सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए नेपाल में आयात पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए कहा है।”
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