दक्षिण चीनी बाघों के सामने अस्तित्व का खतरा

नानचांग, 2 दिसम्बर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। पिछली बार 30 साल पहले जंगल में एक दक्षिण चीनी बाघ देखा गया था। पूरी दुनिया में बाघ की इस लुप्तप्राय प्रजाति के केवल 131 बाघ बचे हैं। चीन के प्राणी शास्त्रियों के अनुसार, इस प्रजाति के सभी बाघ दासता भरा जीवन जी रहे हैं।

नानचांग, 2 दिसम्बर (आईएएनएस/सिन्हुआ)। पिछली बार 30 साल पहले जंगल में एक दक्षिण चीनी बाघ देखा गया था। पूरी दुनिया में बाघ की इस लुप्तप्राय प्रजाति के केवल 131 बाघ बचे हैं। चीन के प्राणी शास्त्रियों के अनुसार, इस प्रजाति के सभी बाघ दासता भरा जीवन जी रहे हैं।

चाइनीज एसोसिएशन ऑफ जूलॉजिकल गार्डन्स के उप सचिव-प्रमुख वांग जिनजुन ने बुधवार को कहा कि पिछले 30 वर्षो से अधिक समय में भी जंगल में एक भी दक्षिण चीनी बाघ नहीं दिखाई दिया है। एक प्रजाति का कोई सदस्य अगर 50 वर्षो में एक बार भी जंगल में नहीं दिखाई देता है, तो उस प्रजाति को दुर्लभ या लुप्तप्राय घोषित कर दिया जाता है।

वांग ने कहा कि दक्षिण चीनी बाघ चीन का देसी बाघ है और यह अपनी जान बचाने की वजह से यदा-कदा ही दिखाई पड़ता है। चाइनीज एसोसिएशन ऑफ जूलॉजिकल गार्डन्स की हालिया जांच-पड़ताल में पाया गया है कि इस प्रजाति के 111 बाघ चीन के 15 चिड़ियाघरों में रखे गए हैं और अन्य 20 बाघ दक्षिण अफ्रीकी प्राकृतिक आश्रयों में रह रहे हैं।

चीन के शांक्सी प्रांत की राजधानी नानचांग के चिड़ियाघर में दक्षिण चीनी बाघ की संख्या सबसे ज्यादा है। इस चिड़ियाघर में आठ नर और 16 मादा बाघ हैं।

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