नोम पेन्ह, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। एक कंबोडियाई अदालत ने गुरुवार को बिना लाइसेंस के कार्य करने वाले एक चिकित्सक को 200 से भी अधिक लोगों को एचआईवी से संक्रमित करने के लिए 25 वर्ष की कैद की सजा सुनाई।
इनमें से कुछ लोगों की मौत भी हो गई थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, येम क्रिन (57) को दिसंबर 2014 में गिरफ्तार किया गया था, जब उनके अधिकांश रोगियों को एचआईवी से संक्रमित पाया गया।
चिकित्सक को सुई को कीटाणुरहित किए बिना फिर से इस्तेमाल करके एचआईवी वायरस फैलाने का दोषी भी करार दिया गया।
फैसले में कहा गया, “अदालत ने येम क्रिन को परिस्थितियों को बिगड़ाकर यातना देने का दोषी पाया है और इसके लिए उसे 25 वर्ष की कैद की सजा देने का फैसला लिया है।”
अदालत ने अभियुक्त को शिकायत दर्ज कराने वाले 100 से भी अधिक पीड़ितों में से प्रत्येक को 500-3,000 डॉलर का हर्जाना देने का भी आदेश दिया।
बट्टमबंग प्रांत के ग्रामीण रोका समुदाय में एचआईवी फैलने के मामले में लगभग 290 लोग संक्रमित हो गए थे, जिनमें से 10 वृद्धों की जटिलताओं के कारण मौत हो गई थी।
‘नेशनल एड्स अथॉरिटी’ के मुताबिक, 15-49 वर्ष की उम्र के कम्बोडियाई लोगों में एचआईवी वाहक दर 0.6 प्रतिशत है। वर्ष 1998 में यह 2.5 प्रतिशत थी।
वर्तमान में कम्बोडिया में 70,000 से भी अधिक लोग एचआईवी/एड्स से पीड़ित हैं।
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