तुर्की ने 24 नवंबर को सीरियाई सीमा के नजदीक एक रूसी विमान को मार गिराया था।
एरडोगन ने कहा, “रूस, तुर्की को प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वह एकमात्र आपूर्तिकर्ता हो।”
उल्लेखनीय है कि तुर्की बड़ी मात्रा में विदेशों से हो रहे तेल एवं गैस के आयात पर निर्भर है। तुर्की कुल जरूरत का 98 फीसदी प्राकृतिक गैर रूस और ईरान से लेता है, जबकि कुल जरूरत का 90 फीसदी तेल इराक से आयात करता है।
एरडोगन ने कतर और अजरबेजान की ओर इशारा करते हुए कहा कि विभिन्न आपूर्तिकर्ता हासिल करना संभव है।
एरडोगन और तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोगलु इसी सप्ताह क्रमश: कतर और अजरबेजान दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने कतर से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) के आयात पर समाझौता किया और अजरबेजान से तुर्की और यूरोप को जाने वाली गैस पाइपलाइन के निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया।
रूस ने लड़ाकू विमान मार गिराए जाने की घटना के बाद तुर्की द्वारा माफी न मांगने पर तुर्की पर प्रतिबंध लगा दिए हैं और तुर्की को गैस आपूर्ति में भी कटौती की है।
इससे पहले मीडिया में आई खबरों के अनुसार, मॉस्को ने काला सागर से होते हुए अंकारा और युरोप को गैस की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन निर्माण पर पिछले वर्ष दिसंबर में हुए समझौते पर आगे की वार्ता भी रद्द कर दी है।
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