वाशिंगटन, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रबल रिपब्लिकन दावेदार डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी से संबंधित बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हुए भारत का हवाला दिया और कहा कि वहां मुसलमान ठीक ढंग से रह रहे हैं।
वाशिंगटन, 11 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रबल रिपब्लिकन दावेदार डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी से संबंधित बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बचते हुए भारत का हवाला दिया और कहा कि वहां मुसलमान ठीक ढंग से रह रहे हैं।
उन्होंने इस संबंध में संवाददाताओं के सवाल को यह कहते हुए हंसकर टाल दिया कि ‘आपका प्रश्न परमाणु बम की तरह है।’
ट्रम्प ने पिछले दिनों कैलिफोर्निया राज्य के सान बर्नार्डिनो में हुई गोलीबारी के बाद कहा था कि अमेरिकी प्रशासन को तब तक देश में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगा देनी चाहिए, जब तक कि वह कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा किए जाने वाले आतंकवादी हमलों को रोकने का तरीका नहीं खोज लेता। इस गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई थी, 21 अन्य घायल हो गए थे।
पर्रिकर से ट्रम्प के इस विवादास्पद प्रस्ताव पर उस वक्त प्रतिक्रिया मांगी गई थी, जब वह अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
पर्रिकर ने संवाददाताओं के सवाल पर हंसकर कहा, “मुझे लगता है कि आपका प्रश्न परमाणु बम की तरह है।”
ट्रम्प के प्रस्ताव पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उन्होंने भारत का हवाला दिया और कहा, “जहां तक भारत की बात है, हमें विश्वास है कि हमारा देश दूसरा सबसे बड़ा मुसलमान आबादी वाला देश है, जहां सभी के पास समान अवसर, समान अधिकार हैं।”
उन्होंने कहा, “हां, हो सकता है कि छिटपुट चरमपंथ और कट्टरता भी हो, लेकिन समाज के विभिन्न वर्गो के लिए अलग-अलग नजरिया बहुत कम है।”
पर्रिकर ने कहा, “भारत में सभी के समान अधिकार हैं और हम समुदायों को संदेह से नहीं देखते। जो कट्टरता फैलाते हैं वह एक अलग मुद्दा है। हम उनसे अलग तरीके से निपटते हैं।”
अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने भी चुनाव अभियान की इन टिप्पणियों पर यह कहते हुए कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया कि रक्षा मंत्रालय एक ऐसा विभाग है, जो राजनीति से अलग है।
कार्टर के मुताबिक, “राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी कहा कि इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई को मुसलमान या इस्लाम के खिलाफ लड़ाई से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “आईएस एक चरमपंथ और हिंसक आंदोलन है, जिसे हराने की जरूरत है और हम आईएस के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
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