सांसद ने सदन में कहा कि विकल्प के अभाव में लोग आर्सेनिकयुक्त पानी पीने को विवश है, जो जहर के समान है। इस जल के सेवन से कैंसर, त्वचा रोग जैसे अनेक असाध्य रोग तथा पेट की गंभीर बीमारियों से आम आवाम को जूझना पड़ रहा है।
इन रोगों से पूर्वाचल में अभी तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हजारों लोग आर्सेनिक युक्त जल पीने के कारण बीमार है, लेकिन उन्हें शुद्ध जल नसीब नहीं हो पा रहा है।
सांसद ने समस्या के समाधान के लिए सरकार एवं केंद्रीय राज्यमंत्री पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बलिया सहित समूचे पूर्वाचल को निदान के लिए समुचित व्यवस्था सरकार द्वारा किए जाने की मांग रखी।
इस पर केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकार सांसद भरत सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दे को लेकर काफी गंभीर है। इससे निपटने के लिए योजना बनाकर सार्थक पहल की जाएगी।
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