झांसी की ओर आने वाली चंबल एक्सप्रेस की एक बोगी में यात्रियों का सामान चोरी हो गया। यात्रियों ने चोरी के शक में एक किशोर व उसके साथ एक युवक को बंदी बना लिया। उनकी जमकर मारपीट की गई और बाद में झांसी जीआरपी के सुपुर्द दोनों को कर दिया।
पूछताछ के दौरान किशोर ने अपना नाम बांदा के बबेरू क्षेत्र का रहने वाला शुभम बताया। उसने बताया कि उसके पिता राजेंद्र सविता अमीन है। वह घर पर बताए बिना ही मोहल्ले के एक युवक बाबू के साथ चित्रकूट जा रहा था।
बांदा स्टेशन पर आई चंबल एक्सप्रेस में उन दोनों को लोगों ने यह कहकर बैठा दिया कि यह गाड़ी चित्रकूट जा रही है। मगर वह झांसी आ रही थी। जब वह ट्रेन में सफर कर रहे थे तो रास्ते में कुछ यात्रियों ने उन्हें चोर समझकर पीट दिया और झांसी में पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने बाबू को चोरी के आरोप में जेल भेज दिया, जबकि शुभम के परिजनों को सूचित कर दिया। इसी तरह बहराइच के ग्राम हरचंदा निवासी कामरान कक्षा सात का छात्र है। उसके परिजनों ने उसे किसी बात पर डांट दिया तो वह घर से भाग आया।
किसी ट्रेन से वह झांसी आ गया और यहां जीआरपी के हत्थे चढ़ गया। जीआरपी ने उसके बताए नंबरों व पते पर परिजनों को सूचित कर दिया है। परिजनों के आने पर उसे उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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