बीजिंग ने पीएम2.5 कणिका तत्व (पार्टिकुलैट मैटर) में कटौती करने का लक्ष्य रखा है। ये प्रदूषक श्वास के जरिये शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों को सालाना आधार पर पांच प्रतिशत तक नुकसान पहुंचाते हैं।
पिछले साल औसतन 86 प्रदूषक थे, जबकि इस साल के शुरुआती 11 महीनों में यह 74 रहा।
वहीं, हाल के दिनों में जब वायु प्रदूषण के चरम पर होने की वजह से दो बार रेड अलर्ट जारी किया गया तो इसका औसत स्तर 241 रहा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा स्तर के मुकाबले तीन गुना अधिक है।
बीजिंग नगर पर्यावरण जांच केंद्र के प्रमुख झांग डुवेई ने कहा कि पीएम 2.5 की मात्रा अधिक रहेगी और प्रदूषण कटौती लक्ष्य को हासिल करना भी मुश्किल होगा।
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