वाशिंगटन, 24 दिसंबर (आईएएनएस)। इस साल क्रिसमस की संध्या पर सेंटा क्लॉज के साथ ही खगोलविद भी लोगों को उपहार देते हुए नजर आएंगे। खगोलविदों का यह खास उपहार आपको आसमान में नजर आएगा।
क्रिसमस के दिन यानी 25 दिसंबर को पृथ्वी से 11 करोड़ किलोमीटर दूरी पर आसमान में एस्टीराइड (क्षुद्रग्रह) गुजरते हुए दिखाई देगा। यह एस्टीरायड सुरिक्षत रूप से पृथ्वी के पास से होकर गुजरेगा।
इस क्षुद्रग्रह को हालांकि टेलीस्कोप की सहायता से ही देखा जा सकेगा। नासा के वैज्ञानिकों इस क्षुद्रग्रह की उम्र का हाई रिसोल्यूशन वाली छवियों के द्वारा पता लगाया है।
रडार के द्वारा एस्टीरायड (2003 एसडी220) की तस्वीरों को उस समय निकाला गया, जब इसकी दूरी पृथ्वी से 12 करोड़ किलोमीटर थी। इसके लिए नासा के वैज्ञानिकों ने कैलिफोर्निया के गोल्डस्टोन में डीप स्पेस नेटवर्क के 230 फुट के एंटीना का उपयोग किया।
नासा के इस एस्टीरायड रडार रिसर्च प्रोग्राम के मुख्य अधिकारी लांस बैनर के अनुसार, “रडार छवियों के आंकड़ों ने सुझाया है कि यह क्षुद्रग्रह कम से कम 3,600 फीट लंबा है।”
वैज्ञानिकों के अनुसार, अब से ठीक तीन साल बाद वर्ष 2018 में क्षुद्रग्रह दोबारा पृथ्वी के पास से गुजरेगा, लेकिन तब यह पृथ्वी से अधिक नजदीक होगा। पृथ्वी से इसकी दूरी करीब 27 लाख किलोमीटर होगी।
वर्ष 2018 के बाद क्षुद्रग्रह 2070 में नजर आएगा। उम्मीद है कि तब यह सुरक्षित रूप से पृथ्वी से लगभग 27 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा।
जेपीएल में नासा के एनईओ स्टडीस प्रबंधक नासा के केंद्र प्रबंधक पॉल चोडास ने बताया, “इस क्षुद्रग्रह का गुजरना कोई चिंता की बात नहीं है।”
dharmpath.com dharmpath