वर्ष 2016 की महत्वपूर्ण घटनाएं

चीन का आर्थिक विकास :

चीन की विकास दर पर पूरी दुनिया का ध्यान रहेगा। 13वीं पंचवर्षीय योजना को मंजूरी मिलने के बाद इसे मार्च 2016 में आधिकारिक रूप से जारी किया जाएगा।

अमेरिका में चुनाव :

राष्ट्रपति बराक ओबामा का कार्यकाल 2016 में पूरा हो जाएगा। रिपब्लिक पार्टी से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी से हिलेरी क्लिंटन उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहे हैं।

पश्चिम के साथ रूस के संबंध :

बीते वर्ष यूक्रेन मामले में रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ा है। इसके बाद सितंबर में सीरिया पर सैन्य हमले के बाद पश्चिमी देशों और खासकर तुर्की से उसके संबंध खट्टे हुए हैं। लेकिन इस्लामिक स्टेट (आईएस) पर हमले करने के बाद पश्चिमी देशों ने यूक्रेन मामले में सख्ती कुछ कम की है।

आतंकवाद विरोधी कार्रवाई तेज होगी :

बीते साल पूरी दुनिया में आतंकवादी हमले बढ़ने के बाद दुनिया भर के देश 2016 में आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में सहयोग बढ़ा सकते हैं।

एशिया-प्रशांत स्थिति :

2015 में अपेक्षाकृत शांत रहे इस क्षेत्र में 2016 में आर्थिक अवसर बढ़ेंगे, चीन की भूमिका का विस्तार होगा, हालांकि विभिन्न कारणों से अनिश्चित सुरक्षा का माहौल भी बन सकता है।

सीरिया संकट :

2016 सीरिया संकट के लिए निर्णायक हो सकता है। 18 दिसंबर, 2015 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हुए समझौते में सीरिया के भविष्य में सीरिया के लोगों के फैसला लेने के हक को स्वीकार किया गया है। यह पांच साल पुराने संकट की समाप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है, जिसमें ढाई लाख से अधिक लोगों की जान चली गई है।

यूरोप की शरणार्थी समस्या :

यूरोप इस साल शरणार्थी समस्या से बेहतर तरीके से निपटने के लिए कमर कस सकता है। बीते वर्ष द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शरणार्थियों की सबसे बड़ी समस्या देखने को मिली, जिसमें अफगानिस्तान, इराक, सीरिया और लीबिया जैसे देशों से बड़ी संख्या में शरणार्थी यूरोप पहुंचे।

यूक्रेन संकट :

स्थिति कुछ संभली है, लेकिन स्थायी तौर पर सामान्य स्थिति बहाल होने में अब भी काफी प्रयास करने होंगे। मध्य फरवरी में यूक्रेन, रूस, जर्मनी और फ्रांस के नेताओं ने एक महत्वपूर्ण संघर्ष विराम समझौता कर लिया है, जिससे संकट के समाधान का रास्ता खुला है।

लातिनी अमेरिका में आर्थिक, राजनीति अनिश्चितता बढ़ सकती है :

इस साल वामपंथियों और दक्षिणपंथियों के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक संघर्ष हुआ था।

चीन में जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन :

चीन ने सम्मेलन की तैयारियां शुरू कर दी है। सम्मेलन का थीम होगा ‘नवाचार युक्त, मजबूत, आपस में हुई जुड़ी हुई और समावेशी वैश्विक अर्थव्यवस्था का निर्माण’। वैश्विक आर्थिक विकास दर में गिरावट और पूंजी बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के बीच इस सम्मेलन पर प्रमुखता से निगाहें लगी रहेंगी।

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