तिरुवनंतपुरम, 2 जनवरी (आईएएनएस)। त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में रविवार को होने वाले दक्षिण एशिया फुटबाल महासंघ (सैफ) कप के फाइनल में मेजबान भारत की कोशिश अफगानिस्तान को हरा कर दो साल पहले मिली हार का बदला लेने की होगी।
दोनों ही टीमें प्रतियोगिता में अब तक अपराजित रही हैं।
अफगानिस्तान ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 5-0 से हराया, जबकि भारत ने सेमीफाइनल में मालदीव को 3-2 से हराया था।
इससे पहले दोनों टीमें 2013 में सैफ कप के फाइनल में भिड़ चुकी हैं, जिसमें अफगानिस्तान ने 2-0 से खिताबी जीत दर्ज की थी। लेकिन भारत इस बार जीत के लिए प्रतिबद्ध दिख रहा है।
स्ट्राइकर रोबिन सिंह की गैरमौजूदगी में भारत के कोच स्टीफन कोंस्टैनटाइन को टीम के कप्तान सुनील छेत्री से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में मालदीव के खिलाफ भी एक गोल किया था लेकिन अफगानिस्तान की रक्षापंक्ति को भेदना भारत के लिए आसान नहीं होगा।
छेत्री के अलावा कोच को होलीचरण नरजारी और जेजे लालपेख्लुआ से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।
टूर्नामेंट के शुरुआत में नेपाल के खिलाफ दो गोल कर बाईचुंग भूटिया के सबसे कम उम्र में गोल करने के रिकॉर्ड को तोड़ने वाले करिश्माई युवा 18 साल के लालिआनजुआला से भी काफी उम्मीदें हैं।
इस मैच में भारत को घरेलू माहौल का भी लाभ मिलेगा। अब तक पूरी प्रतियोगिता में दर्शकों की तादाद काफी अच्छी रही है और फाइनल में भी भारत को घरेलू दर्शकों का समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है।
तीन बार के चैम्पियन भारत के लिए चौथी बार सैफ कप जीतना आसान नहीं होगा। टीम की रक्षापंक्ति को अच्छा खेल दिखाने की जरूरत है।
अफगानिस्तान की टीम में मौजूद मसीह साईगनी, अहमद हतीफी और हसन अमीन से भारत को संभल कर रहना होगा। वहीं प्रतियोगिता में चार-चार गोल करने वाले खैबर अमानी और फैसल शायेसेठ भी भारत के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।
दोनों टीमों के बीच हुए मैचों के आंकड़ों को देखें तो भारत का पलड़ा अफगानिस्तान पर भारी पड़ता है। दोनों देशों के बीच हुए छह मैचों में से चार में भारत को जीत मिली है एक ड्रॉ रहा और एक में भारत को हार झेलनी पड़ी थी।
दोनों ही टीमें हर हाल में फाइनल जीतना चाहेंगी लेकिन दोनों के लिए राह आसान नहीं होगी।
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