श्रीलंका सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर इस बारे में बताया।
विक्रमसिंघे की चीन दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है, जबकि श्रीलंका सरकार ने पिछले साल रद्द की गई विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं पर फिर से काम करने की सहमति जताई है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के नेतृत्व में श्रीलंका सरकार ने पिछले साल की शुरुआत में कुछ परियोजनाएं रद्द कर दी थी, जिसमें चीन द्वारा वित्तपोषित अरबों डॉलर की बंदरगाह परियोजना भी शामिल है।
मंत्री ने कहा, “दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रद्द की गई परियोजनाओं को फिर से शुरू करने के साथ-साथ कई मुख्य क्षेत्रों पर वार्ता हो सकती है। श्रीलंका के लिए चीन मुख्य साझेदार है और सरकार चीन के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
देश के पर्यटन उद्योग में भी कई दशकों से गृहयुद्ध जैसी स्थिति के कारण गिरावट आई थी, लेकिन भारतीय और चीनी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने से नेपाल विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है।
इस संबंध में पर्यटन मंत्री के वरिष्ठ सलाहकार फेलिक्स श्रीमल रोड्रिगो वे कहा, “हम 2016 में चीनी पर्यटकों की संख्या में दोगुनी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।”
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