2015 में कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, गांसू प्रांत में 132 विशाल पांडा रहते हैं। गांसू प्रांत चीन के इस लुप्तप्राय जीव के तीन प्रमुख ठौर-ठिकानों या आश्रय स्थलों में से एक है।
क्षेत्र में पांडाओं की बढ़ती संख्या के बावजूद उनके ठौर-ठिकाने या आश्रय स्थल कम होने की वजह से उनका जीवन खतरे में है।
पांडाओं के जीवन पर संकट के बादल मंडराने की वजह दैवीय एवं मानवीय दोनों हैं। सड़कों व पनबिजली स्टेशनों का निर्माण एवं उच्च वोल्टेज वाली केबिल आदि इस संकट के मानव द्वारा निर्मित कारण हैं। सर्वेक्षण दिखाता है कि गांसू प्रांत में विशाल पांडा को चार समूहों में बांटा गया है, जिनमें से दो पांडा समूहों के जीवन पर संकट के बादल ज्यादा मंडरा रहे हैं।
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