बंदूक हिंसा के खिलाफ ओबामा की योजना की राह में रोड़े (लीड-2)

वाशिंगटन, 6 जनवरी (आईएएनएस)। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा मंगलवार को बंदूक हिंसा से निपटने के लिए नए सुधारों की घोषणा करते वक्त रो पड़े। न्यूटाउन में बच्चों की हत्या से लेकर ओक क्रीक में सिख श्रद्धालुओं की हत्या जैसे मामलों का जिक्र करते हुए और अमेरिकी कांग्रेस को किनारे लगाते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने बंदूक हिंसा को नियंत्रित करने वाले सहज दिखने वाले सुधारों का ऐलान किया।

वाशिंगटन, 6 जनवरी (आईएएनएस)। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा मंगलवार को बंदूक हिंसा से निपटने के लिए नए सुधारों की घोषणा करते वक्त रो पड़े। न्यूटाउन में बच्चों की हत्या से लेकर ओक क्रीक में सिख श्रद्धालुओं की हत्या जैसे मामलों का जिक्र करते हुए और अमेरिकी कांग्रेस को किनारे लगाते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने बंदूक हिंसा को नियंत्रित करने वाले सहज दिखने वाले सुधारों का ऐलान किया।

लेकिन, विश्लेषकों का कहना है कि सरकारी कार्रवाईयों के जरिए व्यापक स्तर पर गोलीबारी की घटनाओं पर काबू पाने की ओबामा की इच्छा को कई कानूनी और राजनैतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ओबामा को शक्तिशली बंदूक लॉबी और रिपब्लिकन के बहुमत वाली विधायिका (कांग्रेस) का सामना करना पड़ेगा।

ओबामा ने बंदूक हिंसा पर रोक के नए उपायों का ऐलान मंगलवार को व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम से किया। इस मौके पर उनके साथ वे लोग भी थे, जिनके रिश्तेदार अमेरिका की कई कुख्यात गोलीबारी की घटनाओं में मारे गए हैं।

ओबामा ने कहा, “दूसरा संशोधन अधिकार (हथियार रखने का अधिकार) महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसे ही अन्य अधिकार भी हैं, जिनकी भी हमें फिक्र करनी है। हमें इन दोनों के बीच संतुलन बैठाना होगा।”

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच ओबामा ने कहा, “हमारा अधिकार है कि हम आजादी से और सुरक्षित रूप से इबादत कर सकें। चार्ल्सटन में ईसाइयों को इस अधिकार से वंचित किया गया। और, ऐसा ही यहूदियों के साथ कन्सास सिटी में हुआ। यही मुसलमानों के साथ चैपल हिल में हुआ और सिखों के साथ ओक क्रीक में हुआ। इन सभी के भी अधिकार थे।”

ओबामा ने सैंडी हूक इलेमेंट्री स्कूल में वर्ष 2012 में हुई गोलीबारी की घटना का भी जिक्र किया और इस दौरान वह भावुक हो गए। उन्हें आंसू पोंछते देखा गया। उन्होंने नम आंखों के साथ कहा, “मैं जब भी उन बच्चों के बारे में सोचता हूं तो आपे से बाहर हो जाता हूं।”

इस घटना में स्कूल के छह कर्मचारियों और 20 बच्चों की मौत हो गई थी।

ओबामा ने कार्यकारी अधिकारों के तहत जिन उपायों का ऐलान किया है, उनमें बंदूक खरीदने वाले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच पर जोर देते हुए कहा गया है कि हथियार बेचने वाले के लिए लाइसेंस आवश्यक हैं। साथ ही उसे खरीददार की पृष्ठभूमि की जांच करनी चाहिए, अन्यथा उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा होगा।

ओबामा ने कहा कि उनका प्रशासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त लोगों की भर्ती करेगा। 200 अतिरिक्त एजेंट और जांचकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी, जिससे बंदूक सुरक्षा कानून का ‘स्मार्ट व प्रभावी’ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि प्रशासन मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज के लिए 50 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा।

इस बीच, प्रतिनिधिसभा में रिपब्लिकन पार्टी के नेता पॉल रयान ने ओबामा की शस्त्र नियंत्रण योजना के बारे में कहा कि इन्हें अदालतों में चुनौती मिलनी तय है, क्योंकि ये स्वतंत्रता का अतिक्रमण करती हैं।

रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति पद के दावेदारों ने कहा है कि अगर वे राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो बंदूक पर नियंत्रण के ओबामा के कार्यकारी आदेशों को रद्द कर देंगे।

ओबामा ने ‘गन लॉबी’ को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने भले ही कांग्रेस को फिलहाल ‘बंधक’ बना लिया हो, पर अमेरिका को बंधक नहीं बना सकते।

न्यूयार्क टाइम्स ने कहा है कि ओबामा की योजना को कई कानूनी और राजनैतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इनकी वजह से उनकी योजना निष्प्रभावी हो सकती है। अखबार ने लिखा है कि राष्ट्रपति ओबामा की कई कार्यकारी कार्रवाइयां संघीय एजेंसियों के लिए महज ‘सलाह’ की ही हैसियत रखती हैं। ये बाध्यकारी नियम नहीं हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493